प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को नए प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय (NSCS) और कैबिनेट सचिवालय के भवन परिसर का अनावरण किया। इस कॉम्प्लेक्स को ‘सेवा तीर्थ’ नाम दिया गया है। यह सेंट्रल विस्टा परियोजना के तहत विकसित किया गया है और इसमें तीन इमारतें शामिल हैं, सेवा तीर्थ-1, सेवा तीर्थ-2 और सेवा तीर्थ-3
सेवा तीर्थ-1 में नया PMO स्थापित किया गया है। सेवा तीर्थ-2 में कैबिनेट सचिवालय पहले ही सितंबर 2025 में स्थानांतरित हो चुका है, जबकि सेवा तीर्थ-3 में राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल का कार्यालय होगा। शुक्रवार को PMO और NSCS भी औपचारिक रूप से यहां शिफ्ट हो जाएंगे।
साउथ ब्लॉक में आखिरी कैबिनेट बैठक
नए परिसर में स्थानांतरण से पहले प्रधानमंत्री ने साउथ ब्लॉक में केंद्रीय कैबिनेट की विशेष बैठक बुलाई। यह ब्रिटिश काल में बनी सचिवालय इमारत में आखिरी कैबिनेट बैठक रही। करीब 78 वर्षों से नॉर्थ और साउथ ब्लॉक देश की प्रशासनिक गतिविधियों का केंद्र रहे हैं।
₹1189 करोड़ की लागत से कॉम्प्लेक्स तैयार
दारा शिकोह रोड स्थित यह कॉम्प्लेक्स लगभग 2.26 लाख वर्ग फीट क्षेत्र में फैला है और इसे एल एंड टी कंपनी ने ₹1189 करोड़ की लागत से तैयार किया है। पहले इसे ‘एग्जीक्यूटिव एन्क्लेव’ नाम दिया गया था, जिसे बाद में बदलकर ‘सेवा तीर्थ’ कर दिया गया।
कर्तव्य भवन-1 और 2 का भी उद्घाटन
प्रधानमंत्री ने कर्तव्य भवन-1 और 2 का भी उद्घाटन किया, जहां वित्त, रक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि सहित कई प्रमुख मंत्रालयों के नए कार्यालय स्थापित किए गए हैं। इससे पहले गृह मंत्रालय भी नॉर्थ ब्लॉक से कॉमन सेंट्रल सेक्रेटेरिएट परिसर में स्थानांतरित हो चुका है।
सेवा तीर्थ और कर्तव्य भवन सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास परियोजना का हिस्सा हैं, जिसके तहत नया संसद भवन और कर्तव्य पथ भी विकसित किए गए हैं। यह परियोजना राष्ट्रीय राजधानी के प्रशासनिक ढांचे के आधुनिकीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।