दिल्ली में लाल किले के पास 9 नवंबर को हुए धमाके को लेकर संयुक्त राष्ट्र (UN) की आतंकवाद निगरानी टीम की ताजा रिपोर्ट में बड़ा दावा किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) इस हमले से जुड़ा हो सकता है।
UN सुरक्षा परिषद को सौंपी गई रिपोर्ट में एनालिटिकल सपोर्ट एंड सैंक्शंस मॉनिटरिंग टीम ने बताया कि एक सदस्य देश ने जानकारी दी है कि जैश-ए-मोहम्मद ने हमले की जिम्मेदारी ली थी। हालांकि, सदस्य देशों के बीच संगठन की मौजूदा सक्रियता को लेकर मतभेद भी सामने आए हैं।
महिलाओं के लिए अलग विंग बनाने पर चिंता
रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि 8 अक्टूबर को जैश प्रमुख मसूद अजहर ने महिलाओं के लिए ‘जमात उल-मुमिनात’ नामक एक अलग विंग की घोषणा की। यूएन टीम के अनुसार, इसका उद्देश्य आतंकी गतिविधियों में सहयोग और संगठनात्मक विस्तार है। विशेषज्ञों का मानना है कि महिलाओं को सहायक और सक्रिय भूमिकाओं में शामिल कर संगठन सुरक्षा एजेंसियों की नजर से बचने और नए भर्ती मॉडल अपनाने की कोशिश कर सकता है।
संयुक्त राष्ट्र का जैश पर प्रतिबंधन
जैश-ए-मोहम्मद की स्थापना वर्ष 2000 में हुई थी और यह जम्मू-कश्मीर समेत भारत के विभिन्न हिस्सों में कई बड़े हमलों के लिए जिम्मेदार रहा है। संयुक्त राष्ट्र ने इसे अल-कायदा से जुड़ा आतंकी संगठन घोषित कर रखा है। इसके सरगना मसूद अजहर पर यात्रा प्रतिबंध और संपत्ति फ्रीज जैसी पाबंदियां लागू हैं।
क्षेत्रीय आतंकी खतरे पर चेतावनी
रिपोर्ट में मध्य और दक्षिण एशिया में बदलते आतंकी खतरे का भी जिक्र है। इसमें कहा गया है कि चरमपंथी संगठन क्षेत्रीय अस्थिरता और सीमापार नेटवर्क का फायदा उठा रहे हैं। भले ही कुछ संगठनों पर दबाव बना हो, लेकिन उनके पुनर्गठन और बड़े हमलों की क्षमता अब भी क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा के लिए चुनौती बनी हुई है।