दिल्ली के जनकपुरी इलाके में बाइक सवार युवक कमल की मौत का मामला सामने आया है। आरोप है कि 5 फरवरी की रात कमल सड़क पर खुले पड़े गड्ढे में गिर गया, जिससे उसकी जान चली गई। परिजनों और दोस्तों का कहना है कि पूरी रात न तो प्रभावी तलाश हुई और न ही समय पर कोई ठोस कदम उठाया गया।
“यह हादसा नहीं, लापरवाही है” – परिवार का आरोप
मृतक के भाई करण ने बताया कि आखिरी बार बात होने पर कमल ने कहा था कि वह 10 मिनट में घर पहुंच जाएगा। रात करीब 12:30 बजे फोन करने पर कोई जवाब नहीं मिला, जिसके बाद परिवार घबरा गया और उसकी तलाश शुरू की।
करण का कहना है कि पुलिस ने सिर्फ आखिरी लोकेशन बताकर खुद खोजने को कहा, लेकिन मौके पर कोई सक्रिय मदद नहीं दी गई।
पुलिस ने कहा 24 घंटे बाद दर्ज होगी शिकायत
कमल के दूसरे भाई ने आरोप लगाया कि जब वे थाने पहुंचे तो पुलिस ने कहा कि शिकायत 24 घंटे बाद ही दर्ज होगी। परिवार ने फोन ट्रैक करने की गुहार लगाई, जिस पर एक बार लोकेशन दी गई, लेकिन बाद में उसे डिलीट कर दिया गया। दोबारा मांगने पर गोपनीयता का हवाला देकर जानकारी देने से मना कर दिया गया।
सुबह बरामद हुआ शव
अगली सुबह जब परिवार ने कमल के फोन पर कॉल किया, तो पुलिस ने बताया कि उसका शव गड्ढे से बरामद कर लिया गया है। यह खबर परिवार के लिए सबसे बड़ा सदमा थी। परिजनों का कहना है कि कमल कोई लापरवाह व्यक्ति नहीं था और यह हादसा पूरी तरह सिस्टम की नाकामी को दर्शाता है।
दिल्ली जल बोर्ड ने बनाई जांच समिति
मामला तूल पकड़ने के बाद दिल्ली जल बोर्ड ने घटना की जांच के लिए एक समिति गठित की है और शाम तक रिपोर्ट मांगी गई है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि जांच में जिम्मेदारी तय होगी या नहीं, और क्या भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।

