उसकी गिरफ्तारी एक दूसरे पाकिस्तानी जासूस तौफीक से मिली अहम जानकारी के आधार पर हुई, वसीम पिछले तीन साल से पाकिस्तानी एजेंटों के लगातार संपर्क में था, उसने इन एजेंटों को सिम कार्ड भी मुहैया कराए थे, उसके फोन से कई आपत्तिजनक व्हाट्सएप चैट भी मिली हैं, जो उसकी गतिविधियों का सबूत हैं।
बता दें कि ये मामला हरियाणा में जासूसी के एक बड़े और संवेदनशील नेटवर्क का खुलासा करता है, क्योंकि कुछ महीने पहले यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा को भी पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में पकड़ा गया था।

