पंजाब में आई बाढ़ के गंभीर हालात को देखते हुए केंद्र सरकार ने राज्य में आई बाढ़ को ‘अति गंभीर आपदा’ के रूप में घोषित किया है। इस फैसले के बाद राहत और पुनर्वास कार्यों में केंद्र की भागीदारी बढ़ेगी और राज्य सरकार को खराब हुई बुनियादी सुविधाओं के पुनर्निर्माण के लिए लंबे समय के लिए 590 करोड़ रुपये का कर्ज भी मिल सकेगा।
केंद्र सरकार द्वारा इस आपदा की गम्भीरता को स्वीकार किए जाने पर पंजाब सरकार स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फंड (SDRF) के तहत उपलब्ध रकम को लोगों के पुनर्निर्माण के कामों में तय नियमों की सीमा से अधिक खर्च कर सकेगी। यदि इस बाढ़ को केवल साधारण घोषित किया जाता, तो SDRF के कड़े नियमों की वजह से राहत कार्यों पर ज्यादा राशि खर्च करना संभव नहीं होता।
हालांकि, गंभीर आपदा घोषित किए जाने के बावजूद किसानों को उनकी फसल के नुकसान की भरपाई उतनी ही राशि के हिसाब से मिलेगी जितनी SDRF नियमों के तहत निर्धारित होती है। पंजाब में अब तक आई इस बाढ़ को राज्य सरकार ने केंद्र को ‘अति गंभीर आपदा’ के रूप में मान्यता देने के लिए पत्र भेजा था, जिसे केंद्र सरकार ने स्वीकृत कर लिया है।
इस फैसले से पंजाब को बाढ़ प्रभावित इलाकों में तेजी से राहत और पुनर्वास कार्य करने के लिए आवश्यक वित्तीय संसाधन उपलब्ध होंगे, जो प्रभावित लोगों की सहायता और बुनियादी संरचना को पुनर्जीवित करने में मददगार साबित होंगे। केंद्र और राज्य सरकार के सहयोग से पंजाब में बाढ़ के प्रभाव को कम करने और पुनर्निर्माण कार्यों को तेज करने की उम्मीद जताई जा रही है।

