राजधानी दिल्ली में यमुना खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। नदी किनारे बसे पूरे यमुना बाज़ार इलाके में बाढ़ जैसे हालात हैं। सोमवार रात यमुना का जलस्तर लगभग 206 मीटर तक पहुँच गया था और बाज़ार के 32 घाटों के एक मंजिला घरों में पानी घुसने लगा था। घरों में घुटनों तक पानी भर जाने के बाद कई लोगों ने छतों पर रात बिताई। लेकिन मंगलवार सुबह से इसमें कमी आने लगी। सुबह 6 बजे यमुना का जलस्तर 205.91 मीटर दर्ज किया गया।
ओखला बैराज से छोड़ा जा रहा पानी
दोपहर 12 बजे यमुना का जलस्तर और कम हुआ, जबकि शाम 5 बजे तक यह 205.68 मीटर तक पहुँच गया। यानी 11 घंटे में जलस्तर में 0.23 मीटर की कमी दर्ज की गई। अधिकारियों का कहना है कि देर रात तक यमुना का जलस्तर खतरे के निशान या उससे भी कम तक पहुँच सकता है। जलस्तर को कम करने के लिए ओखला बैराज से हर घंटे लगभग 90 हज़ार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।
जलस्तर बढ़ने की संभावना कम
अधिकारियों ने बताया कि अब जलस्तर बढ़ने की संभावना कम है, क्योंकि ओखला बैराज से हर घंटे 90 हज़ार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है ताकि यमुना के 22 किलोमीटर के हिस्से में जलस्तर तेज़ी से कम किया जा सके।

