किश्तवाड़ जिले में आई भीषण प्राकृतिक आपदा के बाद राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है, अब तक इस त्रासदी में 65 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि करीब 200 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, सेना और स्थानीय प्रशासन की टीमें मलबा हटाने और लापता लोगों की तलाश में लगातार जुटी हुई हैं।
प्राकृतिक आपदा ने कई गांवों को पूरी तरह तबाह कर दिया, कई मकान, सड़कें और पुल बह गए हैं, जिससे इलाके का संपर्क भी अन्य हिस्सों से कट गया, इस बीच मौसम की खराबी और दुर्गम भौगोलिक स्थिति राहत कार्यों में बड़ी चुनौती बनकर सामने आ रही है।
मलबा और कीचड़ की वजह से बचावकर्मियों को घटनास्थल तक पहुंचने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, हालांकि इस बीच प्रशासन ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करें, प्रभावितों के लिए अस्थायी राहत शिविर स्थापित किए गए हैं, जहां खाने-पीने और प्राथमिक चिकित्सा की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

