Friday, February 13, 2026
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लुधियाना में तीन दिन की छुट्टी पर गए कर्मचारी, मंत्री हरभजन ने कहा काम पर लौटें… बैठकर निकालेंगे समाधान

लुधियाना में अचानक से बिजली विभाग के कर्मचारियों ने ऐसा फैसला लिया जिससे पूरे राज्य में हड़कंप मच गया यहां तक कि इसके लिए वहां के मंत्री हरभजन सिंह ETO को सामने आना पड़ा… दरअसल राज्य में बिजली विभाग के कर्मचारियों ने ऐलान किया है कि वह 13 अगस्त तक सामूहिक छुट्टी पर रहेंगे और 15 अगस्त को जिला मुख्यालयों पर रोष मार्च भी करेंगे। इसी के साथ ही यहां ये कर्मचारियों ने यह ऐलान किया था कि यहां जेई, लाइनमैन, क्लर्क समेत सभी कर्मचारी छुट्टी पर रहेंगे, जिससे यहां बिजली गुल होने से भारी समस्या हो सकती है।

वहीं दूसरी तरफ कर्मचारियों के द्वारा ली जा रही सामूहिक छुट्टी के खिलाफ लेकर भी जारी कर दिया गया है… वहीं दूसरी तरफ यहां के मंत्री हरभजन सिंह ETO ने सामूहिक छुट्टी पर गए कर्मचारियों से अपील की है वह काम पर लौटें। मिलकर बैठकर इस समस्या का समाधान निकाला जाए।

मानसून के दौरान तेज बारिश और हवाओं के चलते बिजली के खंभों व तारों के टूटने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। इसके साथ ही तकनीकी खराबियों के कारण भी बिजली आपूर्ति बाधित होती है। इस स्थिति में, बिजली कर्मचारियों की छुट्टियों से लगभग 40 लाख की आबादी और 60 हजार से अधिक उद्योग व व्यावसायिक केंद्र प्रभावित हो सकते हैं।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पावरकॉम के मुख्य अभियंता ने अन्य अधिकारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल मरम्मत और आपूर्ति बहाल की जा सके तथा उपभोक्ताओं को परेशानी न हो।

इस बीच, पावरकॉम कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर सामूहिक अवकाश लिया है। उनकी प्रमुख मांगों में 13% महंगाई भत्ते का भुगतान, पुरानी पेंशन योजना की बहाली, वेतन/पेंशन संशोधन की त्रुटियों का निवारण, निजीकरण नीति को लागू न करना और 50 हजार पदों पर नियमित भर्ती शामिल है। साथ ही, पिछले धान सीजन में हादसों में जान गंवाने वाले बिजली कर्मियों के परिवारों को उचित मुआवजा देने की भी मांग की गई है।

पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (PSPCL) ने अपने सभी इंजीनियरों, चीफ और जनरल मैनेजरों को पत्र जारी करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि तीन दिवसीय सामूहिक अवकाश पर जाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। आदेश में सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।

  1. सभी कर्मचारी मुख्यालय पर मौजूद रहें और सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना मुख्यालय न छोड़ें। मुख्य कार्यालय या उच्च कार्यालय जाने के लिए कंट्रोलिंग अधिकारी की अनुमति अनिवार्य है और प्रवेश के समय पहचान पत्र साथ लाना होगा।
  2. सभी कार्यालय और कैश काउंटर खुले रहें, किसी भी स्थिति में बंद न किए जाएं।
  3. सामूहिक अवकाश के दौरान यदि कोई हंगामा होता है, तो वफादार अधिकारी तुरंत स्थानीय पुलिस की मदद लें।
  4. जिन कर्मचारियों की ड्यूटी सामूहिक अवकाश के दिनों में है, उन्हें मेडिकल कारण को छोड़कर कोई अवकाश नहीं दिया जाएगा।
  5. हड़ताल या अवकाश में भाग लेने वालों की अनुपस्थिति दर्ज होगी, “काम नहीं तो वेतन नहीं” के तहत वेतन काटा जाएगा, सर्विस बुक में ब्रेक-इन-सर्विस दर्ज होगी, और केवल दो घंटे भी गैर-हाजिरी पर पूरे दिन का वेतन काटा जाएगा।
  6. सामूहिक अवकाश लेने वाले कर्मचारी पिछली सेवा लाभों से वंचित हो सकते हैं और उनकी पदोन्नति पर रोक लग सकती है।
  7. पावरकॉम ने इसे “अनफेयर लेबर प्रैक्टिस” करार देते हुए चेतावनी दी कि इंडस्ट्रियल डिस्प्यूट एक्ट 1947 की धारा 25(यू) के तहत दोषी पाए जाने पर 6 महीने तक की कैद, ₹1000 का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के मुताबिक, ऐसे कर्मचारियों की नौकरी भी समाप्त की जा सकती है।
  8. पंजाब सरकार की 26-02-2022 की नोटिफिकेशन के अनुसार, AASMA 1947 लागू है, जिसके तहत 3 साल तक की सजा और जुर्माना हो सकता है।
  9. वर्ष 2025-26 में सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारी यदि हड़ताल में भाग लेते हैं तो उनकी सेवा समाप्त की जा सकती है। वहीं, पदोन्नति की प्रक्रिया में शामिल कर्मचारियों की पदोन्नति रद्द की जा सकती है।
  10. अवकाश के दिनों में बिजली आपूर्ति और जरूरी कार्यों की जानकारी के आदान-प्रदान के लिए हेड ऑफिस पटियाला में उपसचिव की देखरेख में केंद्रीय कंट्रोल रूम स्थापित रहेगा। इसका मोबाइल नंबर 9646111229 और टेलीफोन नंबर 0175-2220853 होगा।

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