पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस को सिखों की सर्वोच्च धार्मिक संस्था श्री अकालतख्त साहिब ने धार्मिक सजा सुनाई है। मामला धार्मिक समागम में सिख मार्यादा के उल्लंघन का है, और इससे सिख समुदाय की भावनाएं आहत हुई हैं। ये कार्यक्रम श्रीनगर में बीती चौबीस जुलाई को श्री गुरु तेग बहादुर जी के शहीदी दिवस पर पंजाब भाषा विभाग की तरफ से आयोजित किया गया था, जिसमें नाच-गाने का कार्यक्रम भी हुआ था, इसी को लेकर मंत्री हरजोत सिंह बैंस श्री अकाल तख्त साहिब के पांच सिंह साहिबानों के सामने पेश हुए और अपनी गलती स्वीकार की।
जत्थेदार कुलदीप सिंह गरगज के मुताबिक हरजोत सिंह बैंस को जो सजा सुनाई गई है, उसमें हरजोत बैंस को श्री दरबार साहिब से गुरुके महल तक पैदल जाना और इसके बाद गुरुद्वारा कोठा साहिब तक 100 मीटर पैदल चलना होगा। साथ ही रास्ते में साफ-सफाई भी करनी होगी। इसके बाद हरजोत सिंह बैंस को दिल्ली में गुरुद्वारा शीशगंज साहिब और श्री आनंदपुर साहिब में शीशगंज साहिब गुरुद्वारे जाना होगा। दोनों जगह पर नतमस्तक होकर 2 दिनों तक जोड़ा घरों में सेवा करनी होगी। साथ ही साथ 1100 रुपए का प्रसाद चढ़ाकर अरदास भी करवानी होगी। धार्मिक सजा सुनाए जाने के बाद मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि उन्हें ये सज़ा मंजूर है।
जिस कार्यक्रम को लेकर विवाद हुआ है, उसमें पंजाबी सिंगर बीर सिंह ने परफॉर्मेंस दी थी। 1 अगस्त को मंत्री हरजोत सिंह बैंस और भाषा विभाग के डायरेक्टर जसवंत सिंह जफर को पांच सिंह साहिबानों के सामने व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया गया था।

