मंडी की सराज घाटी में आई आपदा ने जहां आमजन का जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया, वहीं राजकीय बागवानी एवं वानिकी महाविद्यालय थुनाग के छात्र-छात्राएं प्रशासन और कॉलेज प्रबंधन की लापरवाही का शिकार बन गए, आपदा के दौरान तीन दिनों तक छात्र कॉलेज में फंसे रहने के बाद जब कोई मदद नहीं आई, तो छात्रों ने 22 किलोमीटर का खतरनाक रास्ता पैदल ही तया किया।
छात्रों का आरोप है कि आपदा के दौरान न तो कॉलेज प्रबंधन ने उनकी सुध ली और न ही प्रसाशन ने आपदा के दौरान इलाके में बिजली और मोबाइल नेटवर्क पूरी तरह ठप हो गया था, जिससे छात्रों का परिवार से तीन दिनों तक कोई संपर्क नहीं हो सका।
आपदा के बीच छात्रों ने खुद ही परिजनों को संपर्क किया और आपदा प्रभावित क्षेत्र से बाहर आए, हालांकि प्रशासन छात्रों की मदद का दावा कर रहा है।

