ऑपरेशन शील्ड के तहत 31 मई 2025 को अमृतसर समेत पाकिस्तान सीमा से सटे राज्यों में बड़े पैमाने पर मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इसका उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्रों में आपातकालीन स्थितियों से निपटने की तैयारियों का परीक्षण और नागरिकों को जागरूक करना था।
अमृतसर में यह मॉक ड्रिल जिला प्रशासन द्वारा केंद्र सरकार के निर्देश पर आयोजित की गई। मॉक ड्रिल के दौरान एयर रेड सायरन बजाए गए, आपातकालीन सेवाओं की सक्रियता, स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती, और नागरिकों की भागीदारी के साथ नकली हमले, विस्फोट, आगजनी, गैस लीक जैसी परिकल्पनाओं पर कार्रवाई की गई।
इसमें NDRF, SDRF, पुलिस, रेलवे पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, सिविल डिफेंस वार्डन, स्वयंसेवक, स्थानीय प्रशासन, NCC, NSS, NYKS और स्काउट्स ने भाग लिया। प्रशासन ने नागरिकों से सहयोग की अपील की और बताया कि यह अभ्यास सिर्फ तैयारियों की जांच के लिए है, घबराने की जरूरत नहीं है।
मॉक ड्रिल का उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्रों में संभावित हवाई हमले, ड्रोन घुसपैठ, मिसाइल हमले, सामूहिक घुसपैठ, विस्फोट, गैस लीक जैसी आपात स्थितियों से निपटने की तैयारी को परखना है।
ऑपरेशन शील्ड के तहत यह मॉक ड्रिल जम्मू-कश्मीर, पंजाब, राजस्थान, गुजरात, हरियाणा समेत केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ में आयोजित की गई।

