Sunday, February 15, 2026
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जम्मू-कश्मीर के दौरे पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, LG मनोज सिन्हा, सेना प्रमुख भी साथ में मौजूद

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह आज जम्मू-कश्मीर के दौरे पर हैं। रक्षा मंत्री श्रीनगर पहुंच चुके हैं। उनके साथ एलजी मनोज सिन्हा भी मौजूद हैं। उन्होंने सेना के अधिकारियों और जवानों से मुलाकात की। रक्षा मंत्री घाटी में सेना की कमान संभालने वाली चिनार कॉर्प्स के मुख्यालय पहुंचे हैं। पहलगाम आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर के बाद राजनाथ सिंह का यह पहला जम्मू-कश्मीर दौरा है। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पंजाब के आदमपुर एयरबेस पहुंचे थे और वायुसेना के जवानों से मुलाकात कर उनका हौसला बढ़ाया था।

पाकिस्तान को भारी कीमत चुकानी पड़ी: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह
बादामीबाग कैंट में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, “इस कठिन परिस्थिति में, आज आप सभी के बीच आकर मुझे बहुत गर्व महसूस हो रहा है। हमारे प्रधानमंत्री के कुशल नेतृत्व और मार्गदर्शन में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान आपने जो कुछ किया, उसने पूरे देश को गौरवान्वित किया है। मैं भले ही अब आपका रक्षा मंत्री हूं, लेकिन उससे पहले मैं भारत का नागरिक हूं। रक्षा मंत्री होने के साथ-साथ मैं आज यहां भारत के नागरिक के तौर पर भी आपका आभार व्यक्त करने आया हूं।” रक्षा मंत्री ने कहा कि हमें अपनी सेना पर गर्व है। ऑपरेशन सिंदूर आतंकवाद के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई है। पाकिस्तान को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ी है। हम आतंकवाद के खिलाफ किसी भी हद तक जा सकते हैं।

दुश्मन उसे कभी भूल नहीं पायेगा: राजनाथ सिंह
रक्षा मंत्री ने कहा, ‘मैं आपकी उस ऊर्जा को महसूस करने आया हूं, जिसने दुश्मनों को नेस्तनाबूद कर दिया। आपने जिस तरीके से, सीमा के उस पार पाकिस्तान की चौकियों और बंकरों को धवस्त किया, दुश्मन उसे कभी भूल नहीं पायेगा। आमतौर पर लोग जोश में होश खो देते हैं। लेकिन आपने, जोश भी रखा, होश भी रखा और सूझबूझ के साथ दुश्मन के ठिकानों को बर्बाद किया है।’

‘आतंकवाद के खिलाफ हम किसी भी हद तक जा सकते हैं’
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आगे कहा, “ऑपरेशन सिंदूर आतंकवाद के खिलाफ भारत द्वारा चलाई गई, अब तक के इतिहास की सबसे बड़ी कार्रवाई है। 35-40 वर्षों से भारत सरहद पार से चलाये जा रही आतंकवाद का सामना कर रहा है। आज भारत ने पूरी दुनिया के सामने स्पष्ट कर दिया है कि आतंकवाद के खिलाफ हम किसी भी हद तक जा सकते हैं। पहलगाम में आतंकवादी घटना को अंजाम देकर भारत के माथे पर चोट पहुंचाने का काम किया, भारत की सामाजिक एकता को तोड़ने का प्रयास किया गया। उन्होंने भारत के माथे पर वार किया, हमने उनकी छाती पर घाव दिए हैं। पाकिस्तान के जख्मों का इलाज इसी बात में है कि वह भारत विरोधी और आतंकवादी संगठनों को पनाह देना बंद करे, अपनी ज़मीन का इस्तेमाल भारत के खिलाफ न होने दे।”

पहलगाम आतंकी हमला, ऑपरेशन सिंदूर और सीजफायर
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के 15 दिन बाद 7 मई को भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और पीओके में नौ आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया था। जिसमें कई कुख्यात आतंकी भी मारे गए थे। इसके बाद दोनों देशों के बीच हालात बिगड़ गए और दो दशक बाद अपने चरम पर पहुंच गए थे। दूसरी तरफ पाकिस्तान द्वारा भारतीय शहरों को निशाना बनाए जाने के बाद भारत के एयर डिफेंस सिस्टम ने सभी हमलों को नाकाम करते हुए मुंहतोड़ जवाब दिया था। भारत ने जवाबी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान के 14 सैन्य ठिकानों को तबाह कर दिया था। इससे घबराए पाकिस्तान ने 10 मई को भारत के सामने संघर्ष विराम का प्रस्ताव रखा था, जिसे दोनों देशों ने आपसी बातचीत के बाद लागू भी किया था। हालांकि इसके कुछ ही घंटों बाद पाकिस्तान की ओर से इसका उल्लंघन किया गया, जिसका भारतीय सेना ने मुंहतोड़ जवाब दिया था।
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