Thursday, February 19, 2026
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ससुरालियों ने मांगा 50 लाख दहेज तो लड़की ने घर के सामने गाड़ दिया टेंट, जानें मामला

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के नई मंडी कोतवाली क्षेत्र स्थित A 2 Z पोर्स कॉलोनी में एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। यहां एक नवविवाहिता को जब ससुराल में प्रवेश नहीं करने दिया गया तो उसने ससुराल के बाहर टेंट लगाकर अपने परिजनों के साथ धरना शुरू कर दिया। नवविवाहिता का आरोप है कि उसके ससुराल वालों ने 50 लाख रुपये दहेज की मांग की है और जब उसने मांग पूरी नहीं की तो ससुराल वालों ने नवविवाहिता शालिनी को घर में नो-एंट्री का आदेश दे दिया।

इससे नाराज शालिनी पहले तो कई घंटों तक ससुराल के गेट पर बैठकर गेट खुलने का इंतजार करती रही और जब ससुराल वालों ने दरवाजा नहीं खोला तो शालिनी अपने परिजनों के साथ ससुराल के सामने टेंट लगाकर धरने पर बैठ गई। नवविवाहिता को ससुराल में नो-एंट्री का यह मामला इस समय सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है, जो इस समय जिले में भी चर्चाओं में है।

क्या है पूरा मामला

दरअसल, मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना की शालिनी संगल की 12 फरवरी को धूमधाम से शादी हुई थी। जिसके बाद शालिनी अपने पति के साथ हनीमून के लिए इंडोनेशिया के बाली द्वीप पर घूमने गई थी। आरोप है कि जब वे वहां से लौटे तो पति ने अपना इरादा बदल दिया और अब जब बहू अपने मायके से ससुराल लौटी तो गेट बंद था। जिसके चलते नवविवाहिता अपने परिवार के साथ ससुराल के बाहर टेंट लगाकर धरने पर बैठी है।

लेकिन ससुराल वाले बाज नहीं आ रहे हैं। 12 घंटे से अधिक समय से धरने पर बैठी नवविवाहिता से मिलने पुलिस भी पहुंची। लेकिन कोई हल नहीं निकल सका क्योंकि ससुराल वालों ने अभी तक घर का गेट नहीं खोला है। इसके बाद अब ससुराल के सामने धरने पर बैठी यह नवविवाहिता शालिनी अपने परिवार के साथ आत्महत्या करने की धमकी दे रही है। वह कह रही है कि अगर कल तक उसे ससुराल में घुसने नहीं दिया गया तो वह अपने परिवार के साथ यहीं आत्महत्या कर लेगी।

महिला ने क्या कहा?

पुलिस की मानें तो अभी तक कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। पीड़िता और लड़के पक्ष के लोग सामने आने से बच रहे हैं। इस मामले को लेकर पीड़िता नवविवाहिता शालिनी संगल का कहना है कि मेरा नाम शालिनी संगल है। मेरी शादी 12 फरवरी को हुई और उसके तीन-चार दिन बाद ही वे लोग मुझे 17 तारीख को छोड़ने की बात कर रहे हैं। उन्होंने काफी मीटिंग वगैरह भी तय कर रखी हैं।

पीड़िता ने कहा कि ये सब घरवालों ने किया है। अगर कुछ हुआ है तो सब हुआ है। अब मुझे होली पर घर पर रहने के लिए भेजा गया। मुझे दो लोगों के कहने पर भेजा गया। एक शंकर स्वरूप जी और दूसरे नवीन बंसल जी और फिर इन लोगों ने मुझे घर से निकाल दिया। उन्होंने मुझसे कहा कि ये रिवाज है। हमारे घर में होली मनाई जाती है। उसके बाद हम तुम्हें वापस ले आएंगे।

पीड़िता का क्या है दावा?

उसने कहा कि अब वे लोग मुझे 26 तारीख को लेने गए हैं, मैं वहां से बिना खाना खाए भाग गई। वे कह रहे हैं कि तुम्हारे चाचा ने कहा था कि दो-तीन दिन में बता देंगे। अब चाचा और दूसरे लोग मुझे छोड़ने आए हैं, तो वे मुझे अंदर नहीं जाने दे रहे हैं। कल 2 बजे से एक दिन से ज्यादा हो गया है। मुझे यहां से भगाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने पुलिस को बुलाया था, मैंने आज बुलाया है।

महिला ने बताया कि पुलिस की तरफ से भी मुझे भगाने की कोशिश की जा रही है। वे कहते हैं कि तुम घर जाओ, जब ये लोग आएं तब आना, लड़के के परिवार से बात करना। मैं यहां नहीं हूं, शादी को अभी एक महीना ही हुआ है। 12 फरवरी को शादी हुई थी, लड़के का नाम प्रणव सिंघल है और पिता का नाम वीरेंद्र सिंघल है, जो इंजीनियर हैं, आर्किटेक्ट ने 50 लाख की मांग की थी।

उसने बताया कि जाते समय उन्होंने कहा था कि हम घूमने गए हैं। घर बनाते समय हमारी शादी हो गई। घर में बहुत पैसा खर्च हो गया है। अगर तुम्हें घर पर रहना है, तो घर से 50 लाख रुपए लाने होंगे। उसके बाद मैंने सोचा कि सब ठीक हो जाएगा। 50 लाख कोई छोटी चीज नहीं है जो मैं अपने पिता से मांगकर उन्हें दे दूं। अभी-अभी उनकी शादी हुई है। उन्होंने किसी तरह से पैसे जुटाए होंगे। तब से वे इसे छोड़ने के बारे में सोच रहे हैं।

लड़की के परिवार ने क्या कहा?

शालिनी के चाचा आशीष कुमार की मानें तो मेरा नाम आशीष कुमार उर्फ ​​चिंटू है। मैं लड़की का चाचा हूं। हम अपनी बेटी को न्याय दिलाने की कोशिश कर रहे हैं। हमारी बेटी की शादी 12 फरवरी को हुई थी। 13 फरवरी को हमारी बेटी उनके घर में आई। हमने शादी बहुत धूमधाम से की, इसमें कोई दिक्कत नहीं हुई। उसके बाद 13 तारीख से उसे इतना परेशान किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि हद हो गई है। अब हमारी बेटी कल उनके घर आई है। पहला नवरात्र था, वह किसी तरह अपनी मां से लड़कर यहां आ गई। हम अपने काम से गए हुए थे, जो लड़की यहां अपने ससुराल आई है उसने घंटी बजाई लेकिन किसी ने गेट नहीं खोला। हमें जो जानकारी मिली है वह मीडिया या पुलिस प्रशासन से मिली है।

क्या आरोप लगाए गए?

पीड़िता के चाचा ने बताया कि लड़के वाले गेट नहीं खोल रहे हैं। न ही हमारी बेटी को अंदर ले जा रहे हैं। हम 4 बजे यहां आए थे, जब वापस आए तो पता चला कि न तो लड़के वालों ने हमें बुलाया और न ही कोई सूचना दी। वो हमें परेशान करते रहते हैं। हम सिर्फ ये सवाल पूछने के लिए यहां बैठे हैं। हम कारण नहीं बता रहे हैं। हमारी बेटी पूछ रही है कि दो सवालों का जवाब दीजिए।

आशीष कुमार ने बताया कि ये दो सवालों का जवाब क्यों नहीं दे रहे हैं। लड़की जानती है कि उसके साथ क्या-क्या परेशान किया गया है। हमने उससे बात नहीं की है, लड़की जानती है और लड़की के माता-पिता जानते हैं। हमें सिर्फ न्याय चाहिए। गेट खोलिए और अपनी बहू और अपनी बेटी को अंदर आने दीजिए। हमें मंजूर है, हमें कोई दिक्कत नहीं है। हम यहीं बैठेंगे, चाहे 6 महीने हों, एक साल हो या 10 साल। आज छोटा टेंट लगाया है, कल बड़ा टेंट लगाया जाएगा और कल महापंचायत भी होगी।

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