Tuesday, February 10, 2026
HomeCurrent Newsपुलिस कस्टडी में नहीं हैं डल्लेवाल, HC में सरकार ने दी जानकारी

पुलिस कस्टडी में नहीं हैं डल्लेवाल, HC में सरकार ने दी जानकारी

किसान नेता जगजीत सिंह दल्लेवाल के मामले की आज हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सवाल उठाया कि अगर दल्लेवाल इस समय अस्पताल में भर्ती हैं तो इस याचिका की क्या जरूरत थी। इस पर पंजाब सरकार ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि दल्लेवाल को उनकी सहमति से पटियाला के पार्क अस्पताल में रखा गया है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि दल्लेवाल इस समय पुलिस हिरासत में नहीं हैं।

कब होगी अगली सुनवाई?

इस पर हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को निर्देश दिया कि वह दल्लेवाल के परिजनों को उनसे मिलने की अनुमति दे। कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई परसों तक के लिए स्थगित कर दी है और सरकार को ताजा स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का भी निर्देश दिया है।

याचिका दायर कर गिरफ्तारी को बताया था अवैध

पंजाब सरकार द्वारा 19 मार्च को किसान नेता जगजीत सिंह दल्लेवाल, सरवन सिंह पंधेर व अन्य किसानों की गिरफ्तारी के खिलाफ पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की गई है, जिसमें उनकी गिरफ्तारी को अवैध बताया गया है।
हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए मामले में पंजाब सरकार को नोटिस जारी किया है और DGP को सोमवार को मामले की स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने के आदेश दिए हैं। याचिका भारतीय किसान यूनियन दोआबा के अध्यक्ष गुरमुख सिंह ने दायर की है।
याचिका में कहा गया है कि जगजीत सिंह दल्लेवाल को बिना कोई नोटिस दिए और कारण बताए गिरफ्तार किया गया है, जो कि अवैध है। उन्होंने हाईकोर्ट से मांग की है कि उन्हें तुरंत रिहा किया जाए।

किसानों और केंद्र के बीच बैठक रही थी बेनतीजा

फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी सहित अपनी विभिन्न मांगों पर चर्चा करने के लिए प्रदर्शनकारी किसानों और एक केंद्रीय प्रतिनिधिमंडल के बीच 19 मार्च को सातवें दौर की बैठक भी बेनतीजा रही।

इस बैठक में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, उपभोक्ता मामलों के मंत्री प्रहलाद जोशी और वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल इत्यादि मौजूद रहे थे।

इस मीटिंग के बाद केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा था कि 4 मई को अगली बैठक होगी। किसानों द्वारा उठाई गई विभिन्न मांगों पर चर्चा के लिए वार्ता आयोजित की गई, जिसमें फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी भी शामिल है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments