Wednesday, February 11, 2026
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कौन हैं बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी? जिसने पाकिस्तान में मचा रखा है कोहराम!

पाकिस्तान से बलूचिस्तान की आजादी की मांग करने वाली बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने एक बयान में कहा कि उसने एक ट्रेन को जब्त कर लिया है और यात्रियों को बंधक बना लिया है। रेलवे अधिकारियों ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया कि जाफर एक्सप्रेस, जिसमें 9 बोगियों में लगभग 400 यात्री सवार थे, पाकिस्तान के दक्षिण-पश्चिमी बलूचिस्तान प्रांत के क्वेटा से खैबर पख्तूनख्वा के पेशावर जा रही थी, जब उस पर गोलीबारी की गई।

BLA ने अपने प्रवक्ता जियांद बलूच द्वारा हस्ताक्षरित एक बयान में कहा कि अगर पाकिस्तानी सेना ने अभियान चलाया तो बंधकों को मार दिया जाएगा। BLA के लड़ाकों ने रेलवे ट्रैक उड़ा दिए और ट्रेन को रुकने पर मजबूर कर दिया, जिसके बाद वे उसमें सवार हो गए। ऐसे में अब सवाल यह उठता है कि ये बलूच कौन हैं, जो पाकिस्तानी सरकार और उसकी सेना की आंखों की किरकिरी बन गए हैं।

बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी क्या है?

बलूचिस्तान में कई लोगों का मानना ​​है कि भारत-पाकिस्तान विभाजन के बाद वे एक स्वतंत्र देश के रूप में रहना चाहते थे। लेकिन उनकी सहमति के बिना उन्हें पाकिस्तान में शामिल कर लिया गया। ऐसा नहीं हुआ, जिसके कारण बलूचिस्तान में सेना और लोगों के बीच संघर्ष आज भी जारी है। BBC के अनुसार, बलूचिस्तान में आजादी की मांग करने वाले कई संगठन हैं, लेकिन बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) सबसे शक्तिशाली संगठन है।

यह संगठन 70 के दशक में अस्तित्व में आया था, लेकिन 21वीं सदी में इसका प्रभाव बढ़ गया है। BLA बलूचिस्तान को पाकिस्तानी सरकार और चीन से आजाद कराना चाहता है। उनका मानना ​​है कि बलूचिस्तान के संसाधनों पर उनका अधिकार है। पाकिस्तान सरकार ने 2007 में बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी को आतंकवादी संगठनों की सूची में शामिल किया था।

बलोच कौन हैं?
बलूच एक जातीय समूह है जो बलूचिस्तान क्षेत्र का मूल निवासी है, जो पाकिस्तान, ईरान और अफगानिस्तान तक फैला हुआ है।

पाकिस्तान में बलोच:
बलूचिस्तान पाकिस्तान का सबसे बड़ा प्रांत है, लेकिन यह सबसे कम आबादी वाला और सबसे गरीब प्रांत है। बलूच लोगों की एक अलग भाषा (बलूची), संस्कृति और आदिवासी परंपराएं हैं। उनकी पहचान पंजाबी, सिंधी और पश्तून जैसे अन्य जातीय समूहों से अलग है।

ये हैं इनके मुद्दे:

आर्थिक शिकायतें: प्राकृतिक संसाधनों (गैस, खनिज आदि) से समृद्ध होने के बावजूद, बलुचिस्तान अविकसित है और स्थानीय लोग केंद्र सरकार द्वारा शोषित महसूस करते हैं।
राजनीतिक शिकायतें: कई बलोच लोग राजनीतिक हाशिए पर होने, स्वायत्तता की कमी और अनुचित व्यवहार का दावा करते हैं।
मानवाधिकार मुद्दे: जबरन गायब होने, सैन्य अभियानों और मानवाधिकारों के उल्लंघन की रिपोर्टों ने असंतोष को बढ़ावा दिया है।
बलोच विद्रोह: कई बलोच राष्ट्रवादी और अलगाववादी समूह, जैसे बलोच लिबरेशन आर्मी (BLA), 2000 के दशक की शुरुआत से अधिक स्वायत्तता या यहां तक कि पाकिस्तान से स्वतंत्रता के लिए लड़ रहे हैं।

मुख्य बलोच समूह:
बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA)
बलूचिस्तान लिबरेशन फ्रंट (BLF)
बलूच रिपब्लिकन आर्मी (BRA)
इन समूहों को अक्सर पाकिस्तान द्वारा आतंकवादी संगठन करार दिया जाता है, लेकिन वे खुद को स्वतंत्रता सेनानी मानते हैं।

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