Friday, February 13, 2026
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राज्य चुनाव आयुक्त ने दिया कांग्रेस को झटका, बैलेट पेपर नहीं EVM से ही होंगे निकाय चुनाव

चंद्रशेखर धरणी: हरियाणा कांग्रेस के द्वारा हरियाणा राज्य निर्वाचन आयोग के आयुक्त धनपत सिंह को मिलकर एक ज्ञापन सोपा था, जिसमें हरियाणा में 2 मार्च को होने वाले निकाय चुनाव ईवीएम मशीनों की बजाय वैलेट पेपर से करवाए जाने की मांग की गई थी। इसके अलावा हरियाणा में एससी एसटी रिजर्वेशन को लेकर ज्ञापन सोपा गया था, जिस पर हरियाणा राज्य निर्वाचन आयोग के आयुक्त धनपत सिंह ने कहा हरियाणा में निकाय चुनाव ईवीएम मशीनों से ही करवाए जाएं। हरियाणा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष उदय भान सिंह अन्य कांग्रेसी नेताओं के साथ कल ज्ञापन देने के लिए पहुंचे थे।

‘ईवीएम से ही होंगे निकाय चुनाव’

हरियाणा राज्य निर्वाचन आयोग के आयुक्त धनपत सिंह ने कहा कि कल हरियाणा कांग्रेस की तरफ से एक डेलिगेशन मेरे पास आया था हरियाणा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष की अध्यक्षता में मुझे मिले थे और उन्होंने कहा था कि ईवीएम मशीनों में आए दिन शिकायतें रहती हैं और निकाय चुनाव ईवीएम मशीनों की बजाय वैलेट पेपर से करवाए जाए। चुनाव आयुक्त धनपत सिंह ने कहा कि उन्होंने अपने मांग पत्र में यह भी कहा था कि उत्तराखंड की तरह यहां भी वैलेट पेपर से चुनाव कराया जाए।। उन्होंने खुद ही अपने मांग पत्र में यह चीज़ लिखी थी कि यह ईवीएम मशीन है इसलिए इंट्रोड्यूस की गई थी क्योंकि यह सुपीरियर टेक्नोलॉजी एडवांस है।

उन्होंने कहा कि ईवीएम मशीनों से समय की बचत होती है और उन्होंने कोई ठोस प्रमाण नहीं दिया कि ईवीएम मशीन से बाहर से कोई छेड़छाड़ हो सकती है और ना ही ईवीएम मशीनों को बाहर से कंट्रोल किया जा सकता है। भारत निर्वाचन आयोग में भी कई बार यह मामला उठा है और सुप्रीम कोर्ट में भी यह मामला गया था और सर्वोच्च न्यायालय ने भी यह कहा था कि सन्देह के आधार पर किसी टेक्नालॉजी को बंद नहीं कर सकते और वैलेट पेपर से समय काफी लगता था और कई बार वोटो की गिनती में भी गड़बड़ी हो जाती थी उन्होंने कहा कि एवं को लेकर किसी तरह से कोई संदेह नहीं है और हमने अपनी तसल्ली कर ली है और उन्हें अपना जवाब भेज रहे हैं।

उन्होंने कहा कि इसके अलावा मांग पत्र में दूसरी मांग एससी-बीसी रिजर्वेशन का सवाल है यह राज्य सरकार के अर्बन लोकल बॉडी के अधिकार क्षेत्र में आता है और उन्हीं से बात करनी चाहिए और कांग्रेस द्वारा दिए गए ज्ञापन पर उचित जवाब आज भेज दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि 2022 के निकाय चुनाव में भी यही ईवीएम मशीन इस्तेमाल हुई थी और उस समय भी कहीं भी रिपोलिंग नहीं हुई और 2022 में पंचायत चुनाव भी ईवीएम के माध्यम से हुए थे। उन्होंने कहा कि पिछले चुनाव भी ईवीएम मशीनों के तहत करवाए गए थे और किसी भी राजनीति पार्टी ने कोई ऑब्जेक्शन नहीं किया था। उन्होंने कहा कि हमें ईवीएम पर कोई शक नहीं है, जिसके चलते निकाय चुनाव ईवीएम मशीनों से ही करवाए जाएंगे।

‘मतदान वाले दिन नहीं होती मतगणना’

हरियाणा में होने वाले निकाय चुनाव को लेकर मतदान और मतगणना के बीच 10 दिन का अंतर होने का भी सवाल हरियाणा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष उदयभान द्वारा उठाया गया था। इस पर चुनाव आय़ुक्त ने कहा कि जिस दिन निकाय चुनाव होते हैं उस दिन काउंटिंग नहीं होती। उन्होंने कहा कि अगर कहीं पर गड़बड़ी होती है तो वहां पर रिपोलिंग का प्रावधान करवाना होता है और आयोग को उसकी व्यवस्था करनी पड़ती है। उन्होंने कहा कि 2 मार्च को म्युनिसिपल कॉरपोरेशन और म्युनिसिपल काउंसिल कमेटियों के चुनाव होने हैं।

पानीपत की वोटर सूची 19 फरवरी को पब्लिश होगी। इसलिए उनका चुनाव 9 मार्च को है और अगर 11 मार्च को पानीपत के रिपोल होता है तो वह करवाया जाएगा और 12 मार्च को मतगणना होगी। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी लोकसभा के चुनाव सात चरणों में हुए थे और चुनाव में किसी प्रकार का प्रभाव न पड़े इसलिए एक साथ 12 मार्च को मतगणना करवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि मतदान होने के बाद सभी राजनीतिक पार्टियों के पोलिंग एजेंट की मौजूदगी में मशीनों को सील किया जाता है और पुलिस की कड़ी सुरक्षा के बीच स्ट्रांग रूम में उन्हें रखा जाता है तो ऐसा कोई गड़बड़ नहीं हो सकती।

‘प्रशासन को दी है हिदायतें’

हरियाणा राज्य निर्वाचन आयोग के आयुक्त ने कहा कि इस बार उम्मीदवारों का चुनाव खर्च बढ़ाया गया है, क्योंकि महंगाई बड़ी है। जो उम्मीदवार आचार संहिता का उल्लंघन करता है उसके लिए पुलिस और जिला प्रशासन को हिदायतें दी गई है। अगर कैश संबंधी कोई शिकायत आती है तो कैश को जब्त किया जाएगा और एक्ट के तहत रेलीवेंट कार्रवाई की जाएगी।

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