सनातन धर्म में वसंत पंचमी का विशेष महत्व है। यह दिन ज्ञान, संगीत और कला की देवी मां सरस्वती को समर्पित होता है। इस वर्ष वसंत पंचमी 3 फरवरी, सोमवार को मनाई जाएगी। इस दिन गृह प्रवेश, विवाह और विद्यारंभ जैसे शुभ कार्य किए जाते हैं। साथ ही, वास्तु शास्त्र के अनुसार कुछ विशेष उपाय अपनाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। आइए जानते हैं वसंत पंचमी के दिन अपनाए जाने वाले 5 महत्वपूर्ण वास्तु टिप्स।
इस दिशा में रखें मां सरस्वती की तस्वीर या मूर्ति
वसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती की पूजा करने के लिए उनकी तस्वीर या मूर्ति को उचित दिशा में रखना आवश्यक है। वास्तुशास्त्र के अनुसार, मां सरस्वती की मूर्ति या चित्र को हमेशा उत्तर-पूर्व यानी ईशान कोण में स्थापित करना चाहिए। यह दिशा शुभ मानी जाती है और इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
इस दिशा में जलाएं दीपक
मां सरस्वती की पूजा के दौरान दीपक जलाने की भी एक सही दिशा होती है। दीपक को हमेशा पूर्व दिशा में रखना चाहिए, जिससे सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है। इससे घर में शुभता बनी रहती है और विद्या प्राप्ति में सहायता मिलती है।
पढ़ाई और करियर में सफलता के लिए अपनाएं यह वास्तु टिप्स
विद्यार्थियों के लिए वसंत पंचमी का दिन अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। इस दिन अध्ययनरत छात्रों को अपनी स्टडी टेबल को घर की पूर्व दिशा में रखना चाहिए। यह स्थान शिक्षा और एकाग्रता को बढ़ावा देता है। जो लोग अपने करियर को लेकर असमंजस में हैं, उन्हें भी इस दिशा में ध्यान केंद्रित करना चाहिए, जिससे उन्हें सही मार्गदर्शन मिल सके।
घर के बाहर लगाएं तोरण
वसंत पंचमी के दिन घर के बाहर आम के पत्ते या अशोक के पत्तों का तोरण लगाना शुभ माना जाता है। वास्तुशास्त्र के अनुसार, यह घर में सकारात्मक ऊर्जा को आमंत्रित करता है और बुरी शक्तियों को दूर रखता है। इसके अतिरिक्त, घर में पीले फूलों की सजावट भी करने से शुभ फल प्राप्त होते हैं।
स्टडी रूम में करें सरस्वती यंत्र की स्थापना
जो विद्यार्थी पढ़ाई में एकाग्रता नहीं बना पाते हैं, उन्हें वसंत पंचमी के दिन अपने स्टडी रूम में सरस्वती यंत्र स्थापित करना चाहिए। यह यंत्र मां सरस्वती का विशेष आशीर्वाद प्रदान करता है और पढ़ाई में रुचि बढ़ाने में सहायक होता है।

