Saturday, February 14, 2026
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दुलारी देवी कौन हैं? जिनकी साड़ी पहनकर वित्त मंत्री सीतारमण पेश करेंगी बजट 2025

भारत का आज यानी 1 फरवरी को आम बजट पेश होगा। आज वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में आम बजट 2025 पेश करने पहुंचीं, तो उनकी साड़ी ने सभी की निगाहें अपनी ओर खींची। उन्होंने मधुबनी कला से सजी क्रीम रंग की एक खास साड़ी पहनी थी। वित्त मंत्री की ये साड़ी इसीलिए और भी ज्यादा खास है क्योंकि यह न सिर्फ भारत की कला को पेश करती है, बल्कि इसको बिहार की मशहूर मधुबनी चित्रकार पद्मश्री दुलारी देवी ने तैयार किया है।

दुलारी देवी की संघर्षपूर्ण यात्रा

बिहार के मधुबनी जिले में जन्मीं दुलारी देवी मछुआरा समुदाय से आती हैं, जहाँ कला से जुड़ने की कोई परंपरा नहीं थी। उनके जीवन में मधुबनी कला संयोग से आई। छोटी उम्र में विवाह होने के बाद, 16 वर्ष की आयु में ही उन्हें उनके पति ने छोड़ दिया। इसके बाद उन्हें अपने बच्चे की असमय मृत्यु का भी सामना करना पड़ा। इस कठिन दौर में जीवनयापन के लिए उन्होंने 16 वर्षों तक एक घरेलू नौकरानी के रूप में काम किया।

संयोगवश, जिस घर में वे काम कर रही थीं, वहाँ प्रसिद्ध मधुबनी चित्रकार कर्पूरी देवी रहती थीं। उनकी कला को देखकर दुलारी देवी को भी मधुबनी चित्रकारी में रुचि हुई। धीरे-धीरे उन्होंने इस कला को सीखा और अपनी प्रतिभा के दम पर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई। उनकी मेहनत और लगन के कारण उन्हें भारत सरकार द्वारा पद्मश्री सम्मान से नवाजा गया।

समाज के लिए कला का माध्यम

दुलारी देवी की मधुबनी चित्रकारी केवल रंगों का खेल नहीं है, बल्कि यह समाज में जागरूकता फैलाने का एक प्रभावी साधन भी है। अब तक उन्होंने 10,000 से अधिक पेंटिंग्स बनाई हैं, जिनमें बाल विवाह, एड्स जागरूकता, भ्रूण हत्या जैसे सामाजिक मुद्दों को उकेरा गया है। उनकी कला बिहार के साथ-साथ पूरे देश में प्रदर्शनी का हिस्सा बन चुकी है। इसके अलावा, उन्होंने 1,000 से अधिक विद्यार्थियों को मधुबनी कला की ट्रेनिंग दी और इस विरासत को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

बजट दिवस पर संसद में मधुबनी कला की छटा

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण भारतीय हस्तकला और हैंडलूम को हमेशा बढ़ावा देती आई हैं। इस वर्ष, उन्होंने बजट पेश करने के दौरान दुलारी देवी की बनाई मधुबनी साड़ी पहनी, जिससे यह केवल एक कलाकार का सम्मान ही नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक धरोहर को भी सलाम करने का प्रतीक बन गया। इसने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘मेक इन इंडिया’ पहल को भी समर्थन दिया।

इस ऐतिहासिक मौके पर दुलारी देवी ने भावुक होकर कहा, “मैंने कभी नहीं सोचा था कि मेरी बनाई कला संसद तक पहुंचेगी। यह मेरे लिए किसी आशीर्वाद से कम नहीं है।”

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