इस साल की पहली लोक अदालत 8 मार्च को आयोजित की जाएगी। यह उन लोगों के लिए एक बेहतरीन अवसर है जो अपने पुराने ट्रैफिक चालानों का निपटारा करना चाहते हैं। लोक अदालत में ट्रैफिक चालानों पर जुर्माना माफ या कम किया जाता है, जिससे लोगों को राहत मिलती है। यदि आपके पास कोई पेंडिंग चालान है, तो इसे निपटाने का यह सही समय है।
रेड लाइट जम्प का चालान माफ होगा या नहीं?
लोक अदालत छोटे और मामूली मामलों को सुलझाने के लिए आयोजित की जाती है, जिसमें ट्रैफिक चालान भी शामिल होते हैं। रेड लाइट जम्प करने जैसे मामूली उल्लंघनों के मामलों में जुर्माना माफ तो नहीं होता, लेकिन कोर्ट सेटलमेंट के आधार पर जुर्माने को कम किया जा सकता है।
किन चालानों का निपटारा लोक अदालत में हो सकता है?
लोक अदालत में उन ट्रैफिक चालानों का निपटारा किया जा सकता है जो सामान्य ट्रैफिक नियम तोड़ने से संबंधित हैं। इनमें शामिल हैं:
- सीट बेल्ट न पहनना
- हेलमेट न पहनना
- रेड लाइट जम्प करना
- ओवर स्पीडिंग
यदि आपका मामला केवल ट्रैफिक नियम उल्लंघन से संबंधित है और उसमें कोई क्राइम या दुर्घटना शामिल नहीं है, तो आपका चालान लोक अदालत में खत्म करवाया जा सकता है।
लोक अदालत में प्रक्रिया
- समय पर पहुंचें: लोक अदालत में समय का पालन बेहद जरूरी है। अदालत के निर्धारित समय से कम से कम 30 मिनट पहले पहुंचें।
- रजिस्ट्रेशन: लोक अदालत में जाने से पहले रजिस्ट्रेशन आवश्यक है। अदालत लगने के कुछ दिन पहले रजिस्ट्रेशन कराएं।
- जरूरी दस्तावेज: चालान, वाहन से संबंधित दस्तावेज और पहचान पत्र लेकर अदालत में पहुंचें।
- टोकन नंबर और अपॉइंटमेंट: रजिस्ट्रेशन के बाद आपको टोकन नंबर और अपॉइंटमेंट दिया जाएगा, जो सुनवाई के लिए जरूरी है।
लोक अदालत में क्यों जाएं?
लोक अदालत में मामूली मामलों का समाधान त्वरित और बिना किसी कानूनी प्रक्रिया की जटिलता के किया जाता है। यहां जुर्माने में कमी और मामलों का निपटारा आपसी सहमति से होता है।
इसलिए, यदि आपके पास कोई पेंडिंग ट्रैफिक चालान है, तो लोक अदालत में इसे सुलझाने का यह सही अवसर है। समय पर पहुंचकर अपने मामले का निपटारा करें और अनावश्यक चिंता से मुक्त हों।

