होली के त्योहार को देखते हुए यात्रियों की संभावित भीड़ से निपटने के लिए उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। बरेली रीजन से चलने वाली बसों के फेरे बढ़ाए जा रहे हैं, ताकि किसी भी यात्री को आवागमन में असुविधा न हो। 28 फरवरी से 9 मार्च तक प्रमुख मार्गों पर अतिरिक्त बसें चलाने का निर्णय लिया गया है।
दिल्ली सहित कई रूटों पर अतिरिक्त फेरे
त्योहार के दौरान सबसे अधिक दबाव दिल्ली मार्ग पर रहता है, इसलिए इस रूट पर विशेष रूप से बसों की संख्या बढ़ाई गई है। इसके अलावा आगरा, मथुरा, वृंदावन, कासगंज, हाथरस और गाजियाबाद जैसे प्रमुख मार्गों पर भी लगभग 300 अतिरिक्त फेरे लगाए गए हैं।
बरेली रीजन में इस समय कुल 642 बसें संचालित हो रही हैं, जिनमें 40 जनरथ बसें भी शामिल हैं। सर्दियों में यात्रियों की संख्या अपेक्षाकृत कम थी, लेकिन त्योहार के कारण अब भीड़ बढ़ने लगी है। यात्रियों को आरामदायक यात्रा मिले, इसके लिए बैठने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी को खड़े होकर सफर न करना पड़े।
बसों को लगातार संचालन में रखने के निर्देश
मुख्यालय ने क्षेत्रीय और सहायक क्षेत्रीय प्रबंधकों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि होलिका दहन तक सभी बसें नियमित रूप से सड़कों पर संचालित रहें। यदि कोई बस तकनीकी कारणों से नहीं चल पाती है तो उसकी रिपोर्ट तुरंत मुख्यालय को भेजी जाएगी। डिपो और वर्कशॉप में खराब बसों की शीघ्र मरम्मत के लिए विशेष टीमों की तैनाती की गई है।
साथ ही, यदि जाम या दुर्घटना के कारण बस संचालन प्रभावित होता है तो तत्काल क्रेन और राहत व्यवस्था उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों को सौंपी गई है।
कर्मचारियों के लिए प्रोत्साहन योजना
बरेली के क्षेत्रीय प्रबंधक दीपक चौधरी को पूरी व्यवस्था की जिम्मेदारी दी गई है। उन्होंने एआरएम और अन्य अधिकारियों के साथ बैठक कर रणनीति साझा की। चालक और परिचालकों के उत्साहवर्धन के लिए विशेष प्रोत्साहन योजना लागू की गई है।
लगातार 9 दिन ड्यूटी करने पर प्रतिदिन 400 रुपये के हिसाब से 3600 रुपये दिए जाएंगे, जबकि 10 दिन काम करने पर 450 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से 4500 रुपये तक का बोनस मिलेगा। डिपो और वर्कशॉप कर्मचारियों के लिए भी 1800 से 2100 रुपये तक प्रोत्साहन राशि तय की गई है। अधिकारियों के लिए अलग-अलग स्तर पर इंसेंटिव निर्धारित किए गए हैं।