पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान(CM Bhagwant Singh Mann) ने भारत सरकार से पेट्रोल, डीजल और डीएपी खाद की बढ़ी हुई और निर्बाध आपूर्ति तत्काल सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि पंजाब 140 लाख मीट्रिक टन गेहूं की कटाई के लिए पूरी तरह तैयार है और तेल की उपलब्धता में किसी भी प्रकार की बाधा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा पर सीधे असर डाल सकती है।
CM मान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपनी वर्चुअल बातचीत का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने बैठक में पंजाब से जुड़े सभी महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए और प्रधानमंत्री से अपील की कि देश को किसी भी प्रकार की कमी का सामना न करना पड़े।
‘घबराने की जरूरत नहीं’- CM मान
CM मान ने लोगों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि इस समय राज्य में 12-14 दिनों का पेट्रोल और डीजल स्टॉक और लगभग 6 दिनों का एलपीजी स्टॉक उपलब्ध है, जो सामान्य स्तर पर है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य में किसी चीज़ की कमी नहीं है, लेकिन कटाई और अनाज की ढुलाई को सुचारु रखने के लिए केंद्र सरकार द्वारा समय पर कार्रवाई आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पंजाब देश की जरूरतों को पूरा करने के लिए 181 लाख मीट्रिक टन गेहूं और 139 लाख मीट्रिक टन धान उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह तैयार है।
‘लॉकडाउन की कोई संभावना नहीं’
CM मान ने बताया कि गुरुवार तक एलपीजी रीफिल के लिए 71,000 अनुरोध आए, जिनमें से 69,000 का वितरण पहले ही किया जा चुका है। राज्य में किसी भी प्रकार के लॉकडाउन की संभावना नहीं है और सभी काम सामान्य रूप से चल रहे हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि राज्य में कुल 1,497 स्थानों पर जांच की गई, जिनमें से 301 एलपीजी सिलेंडर जब्त किए गए। साथ ही, पंजाब सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि कृषि और उद्योग दोनों को किसी बाधा का सामना न करना पड़े। एलपीजी, पेट्रोल और डीजल से संबंधित समस्याओं के लिए हेल्पलाइन नंबर 0172-3321001 शुरू किया गया है।
पंजाब खाद्य जरूरतों को पूरा करने के लिए तैयार
CM मान ने कहा कि वर्तमान में पंजाब अपने गोदामों से 41 लाख मीट्रिक टन गेहूं उपलब्ध कराने के लिए तैयार है, जबकि इस वर्ष कुल 140 लाख मीट्रिक टन गेहूं उत्पादन की संभावना है। इसके अलावा, राज्य 139 लाख मीट्रिक टन धान देश की सेवा के लिए उपलब्ध कराने के लिए भी तैयार है।
उन्होंने जोर दिया कि पंजाब हमेशा जरूरतमंदों और गरीबों की मदद करने की परंपरा का पालन करता रहा है और देश को 181 लाख मीट्रिक टन गेहूं और 139 लाख मीट्रिक टन धान की आवश्यकता होने पर इसे तुरंत उपलब्ध कराया जा सकता है।