Donald Trump ने एक बार फिर अपनी आक्रामक ट्रेड पॉलिसी से वैश्विक बाजारों में हलचल मचा दी है। इस बार उनका निशाना फार्मा सेक्टर रहा, जहां दवाइयों पर 100% टैरिफ लगाने का बड़ा फैसला लिया गया है। इस कदम को अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है, खासकर उन देशों के लिए जो अमेरिका को बड़े पैमाने पर दवाइयों का निर्यात करते हैं।
फार्मा सेक्टर पर सीधा असर
ट्रंप के इस फैसले से भारतीय और यूरोपीय दवा कंपनियों पर सीधा असर पड़ सकता है। भारत जैसे देश, जो जेनेरिक दवाओं के बड़े निर्यातक हैं, उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। अमेरिका में दवाइयों की कीमतें बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है, जिससे आम लोगों की जेब पर असर पड़ेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि 100% टैरिफ का मतलब है कि आयातित दवाइयां अब दोगुनी कीमत पर पहुंच सकती हैं, जिससे हेल्थकेयर सेक्टर में दबाव बढ़ेगा।
मेटल सेक्टर को राहत
जहां एक ओर फार्मा इंडस्ट्री पर सख्ती दिखाई गई है, वहीं ट्रंप ने मेटल सेक्टर को कुछ राहत दी है। पहले जहां कई मेटल्स पर 50% तक टैरिफ था, उसे घटाकर 25% कर दिया गया है। इससे स्टील और एल्यूमिनियम से जुड़े कारोबार को थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
वैश्विक व्यापार पर असर
ट्रंप का यह फैसला ऐसे समय आया है जब दुनिया पहले से ही व्यापारिक तनावों का सामना कर रही है। इस कदम से एक बार फिर ट्रेड वॉर की आशंकाएं बढ़ गई हैं। विश्व व्यापार संगठन जैसे अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के सामने भी नई चुनौती खड़ी हो सकती है।
बाजार में हलचल
इस घोषणा के बाद ग्लोबल शेयर बाजारों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। फार्मा कंपनियों के शेयरों में गिरावट आई, जबकि मेटल सेक्टर में हल्की तेजी देखी गई।

