भारत-चीन सीमा पर दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। बढ़ते तनाव के बीच चीनी मीडिया ने मोदी सरकार पर निशाना साधा है। चीनी मीडिया ने धमकी भरी लहजे में लिखा है कि मोदी सरकार भारत को युद्ध की तरफ धकेल रही है। बता दें कि इससे पहले भी चीनी मीडिया ने भारत को धमकी देते हुए लिखा था कि यदि युद्ध हुआ तो भारत को इस टकराव का परिणाम भुगतना पड़ सकता है। सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने कहा था कि भारत में उभर रहे 'हिंदू राष्ट्रवाद' की वजह से भारत-चीन के बीच युद्ध हो सकता है। ग्लोबल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस्राइल की अपनी तीन दिन की यात्रा पूरी करने के बाद जी-20 शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए जर्मनी के हैम्बर्ग शहर पहुंच गए हैं. हैम्बर्ग में 7-8 जुलाई को जी-20 शिखर-सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है. सम्मेलन का इस साल का विषय 'शेपिंग एन इंटर-कनेक्टिड वर्ल्ड' रखा गया है. प्रधानमंत्री कार्यालय ने ट्वीट किया, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी-20 शिखर सम्मेलन के लिए हैम्बर्ग पहुंच गए. शिखर सम्मेलन के जरिए अहम बहुपक्षीय एवं द्विपक्षीय वार्ता होंगी. नरेंद्र मोदी सम्मेलन के इतर ब्रिक्स देश ब्राजील, रूस, भारत, चीन एवं दक्षिण अफ्रीका के नेताओं की बैठक में भी

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंध मजबूत करने और ‘संघर्षो को कम करने’ के एजेंडे के साथ संभवत इस साल चीन की यात्रा करेंगे. फ्लोरिडा स्थित ट्रंप के मार ए लागो रिसॉर्ट में पिछले महीने ट्रंप और उनके चीनी समकक्ष शी चिनफिंग की पहली बैठक के बाद अमेरिका और चीन के संबंधों में अहम प्रगति दिखाई देने के बीच यह खबर सामने आई है. जिनपिंग ने अमेरिकी राष्ट्रपति से उस समय कहा था कि चीन और अमेरिका के संबंधों को मजबूत बनाने के लिए ‘हजारों कारण’ है और उन्हें तोड़ने का ‘कोई कारण' नहीं है. उन्होंने इस बैठक के दौरान

बीजिंग भारत के कड़े विरोध के बीच चीन के बीजिंग में रविवार को 'वन बेल्ट वन रोड' प्रोजेक्ट समिट शुरू हो गया, जो दो दिन तक चलेगा. इसमें 29 देशों के राष्ट्राध्यक्ष, संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरस, विश्व बैंक के प्रेसिडेंट जिम योंग किम, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की मैनेजिंग डायरेक्टर क्रिस्टीन लगार्ड के अलावा 130 देशों के अधिकारी, उद्योगपति, फाइनेंसर और पत्रकार हिस्सा ले रहे हैं. रविवार को चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने वन बेल्ट वन रोड फोरम का उद्घाटन किया. दुनिया भर से आए 1,500 प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए उन्होंने वन बेल्ट वन रोड इनिशिएटिव को 'प्रोजेक्ट ऑफ द