अमेरिका ने पाकिस्तान को तगड़ा झटका देते हुए उसे 350 मिलियन डॉलर (करीब 2000 करोड़ रुपए) की मदद नहीं देने का फैसला किया है. अमेरिका ने यह फैसला इसलिए किया, क्योंकि पाकिस्तान ने आतंकवाद को रोकने के लिए पर्याप्त कार्रवाई नहीं की है. पेंटागन के प्रवक्ता एडम स्टम्प ने कहा कि पाकिस्तान ने हक्कानी नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई के अपने वादे को पूरी तरह नहीं निभाया है. अमेरिका ने वर्ष 2016 के लिए पाकिस्तान को सैन्य मदद के लिए दी जाने वाली राशि में से यह राशि प्रदान नहीं करने का फैसला किया है. पाकिस्तान को वर्ष 2016 के लिए कुल 900

नॉर्थ कोरिया को लेकर लगातार बढ़ रहे तनाव के बीच अमेरिका की पूरी सीनेट को व्हाइट हाउस पर बुलाया गया. इस दौरान व्हाइट हाउस की ओर से सभी सीनेट को नॉर्थ कोरिया मामले की पूरी जानकारी दी जाएगी. बता दें कि इस बैठक में लगभग 100 सेनेटर हो सकते हैं, इसके साथ ही अमेरिकी रक्षा मंत्री जेम्स मैटिस भी इस बैठक में होंगे. बताया जा रहा है कि इस बैठक में नॉर्थ कोरिया के द्वारा हाल ही में उठाए गए कदमों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी. कहा जा सकता है कि ट्रंप प्रशासन नॉर्थ कोरिया पर कोई बड़ा निर्णय ले