दिल्ली एमसीडी चुनाव में 270 सीटों पर रुझान सामने हैं. अगर यही रुझान नतीजों में तब्दील होते हैं तो ये साफ है कि बीजेपी एमसीडी में जीक की हैट्रिक लगाने जा रही है. बहरहाल, इन रुझानों के लिए दिल्ली और देश के सियासी खिलाड़ियों के क्या मायने हो सकते हैं ये हम आपको बताते हैं. साल 2015 के विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी ने बीजेपी को करारी मात दी थी. ये वो वक्त था जब लोकसभा चुनाव के बाद प्रधानमंत्री मोदी की लोकप्रियता चरम पर थी. इसी जीत के दम पर कई विश्लेषकों ने आम आदमी पार्टी को विपक्षी पार्टी

दिल्ली दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने चेतावनी दी है कि अगर एमसीडी चुनाव के नतीजे एग्जिट पोल्स के मुताबिक रहे तो वह आंदोलन छेड़ देंगे. दरअसल, अधिकतर एग्जिट पोल्स और चुनाव पूर्व कराए गए सर्वे में केजरीवाल की आम आदमी पार्टी को काफी कम सीटें मिलने की बात कही गई है. इसी को लेकर केजरीवाल ने एक बार फिर अपनी हार के लिए ईवीएम मशीनों में गड़बड़ी किए जाने का मामला उठाया है. टि्वटर पर अपलोड किए गए एक विडियो में केजरीवाल अपने पार्टी के सदस्यों से कहते नजर आते हैं, 'अब अगर हम बुधवार को हारते हैं

दिल्ली एमसीडी चुनावों से पहले कांग्रेस की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. अरविंदर सिंह लवली के बाद अब दिल्ली प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्षा बरखा शुक्ला सिंह ने भी अपना इस्तीफा दिया है. गुरुवार को बरखा ने अपना इस्तीफा सोनिया गांधी के पास भेज दिया है. बरखा ने दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष अजय माकन और कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी पर कई तरह के आरोप भी लगाए. बरखा ने कहा कि अगर राहुल गांधी से पार्टी नहीं संभल रही तो वह छोड़ दें. बरखा ने कहा कि अगर राहुल गांधी को अध्यक्ष बनाया गया तो यह डिजास्टर होगा. बरखा ने अजय माकन