यूपी रेरा ने राज्य में रियल एस्टेट सेक्टर को बड़ा प्रोत्साहन देते हुए 6,841 करोड़ रुपये की 24 नई परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इनमें सबसे बड़ा हिस्सा गौतमबुद्ध नगर को मिला है, जहां अकेले 5,218 करोड़ रुपये की पांच परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं।
इन परियोजनाओं के तहत जिले में लगभग 3,000 आवासीय, कॉमर्शियल और मिक्स्ड-यूज यूनिट्स विकसित की जाएंगी, जिससे क्षेत्र में शहरी विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।
अन्य जिलों में भी विकास
गाजियाबाद में 83 करोड़ रुपये की तीन परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है, जिनसे 468 यूनिट्स तैयार होंगी। इनमें दो कॉमर्शियल और एक आवासीय परियोजना शामिल है। इसके अलावा आगरा में 62 करोड़ रुपये के निवेश से तीन आवासीय परियोजनाएं स्वीकृत हुई हैं, जिनसे 312 नई आवासीय इकाइयां जुड़ेंगी।अन्य जिलों में सहारनपुर, मेरठ, मथुरा, बागपत, गोरखपुर और वाराणसी में भी परियोजनाओं को मंजूरी मिली है।
13 जिलों में बनेंगी 7,830 यूनिट्स
इन 13 जिलों में कुल मिलाकर लगभग 7,830 आवासीय और कॉमर्शियल यूनिट्स विकसित की जाएंगी। जनवरी से मार्च के बीच राज्य में 60 नई परियोजनाओं को मंजूरी दी गई, जिनमें से 15 अकेले गौतमबुद्ध नगर में स्थापित हुई हैं।
निवेश का हब बना गौतमबुद्ध नगर
कुल निवेश और परियोजनाओं की संख्या के लिहाज से गौतमबुद्ध नगर राज्य में सबसे आगे रहा है। अधिकारियों के अनुसार, जिले में स्वीकृत परियोजनाओं का कुल मूल्य 10,000 करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है।
साल 2025 में भी इसी तरह का रुझान देखने को मिला था, जब राज्य की कुल 308 परियोजनाओं में से 69 परियोजनाएं इसी जिले में स्थापित हुई थीं, जिनकी कुल लागत 37,161 करोड़ रुपये थी।
क्या बोले अधिकारी
यूपी रेरा के अध्यक्ष संजय भूसरेड्डी ने कहा कि राज्य में रियल एस्टेट निवेश में लगातार वृद्धि सरकार की सुधारवादी नीतियों का परिणाम है।उन्होंने कहा, “विशेष रूप से गौतमबुद्ध नगर और एनसीआर के अन्य जिलों में निवेश बढ़ना यह दर्शाता है कि निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ है।”
रियल एस्टेट सेक्टर में यह तेजी उत्तर प्रदेश को एक प्रमुख निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित कर रही है। आने वाले समय में इससे रोजगार, शहरी विकास और आर्थिक गतिविधियों को और बल मिलने की उम्मीद है।