खाड़ी देशों में बढ़ते तनाव के बीच UAE ने इस साल ईद-उल-फितर के मौके पर खुली जगहों और सड़क पर नमाज़ पढ़ने पर रोक लगा दी है। सरकार ने स्पष्ट किया कि सभी नमाज़ केवल मस्जिदों के अंदर अदा की जाएंगी। यह जानकारी यूएई की जनरल अथॉरिटी ऑफ इस्लामिक अफेयर्स ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा की।
आम तौर पर ईद की नमाज़ बड़े खुले मैदानों में साथ-साथ पढ़ी जाती है, लेकिन इस बार सुरक्षा कारणों के चलते यह फैसला लिया गया है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे सुरक्षित रहते हुए मस्जिदों में नमाज़ पढ़ें।
ईरान-यूएई तनाव बढ़ा
हाल ही में ईरान ने रास लफान इंडस्ट्रियल सिटी पर हमला किया, जो दुनिया का सबसे बड़ा एलएनजी निर्यात केंद्र माना जाता है। इसके अलावा, ईरान ने यूएई में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर भी मिसाइलें दागी हैं। दुबई सहित खाड़ी के कई हिस्सों में सुरक्षा को लेकर अलर्ट जारी किया गया है।
यूएई ने बताया कि उसकी एयर डिफेंस सिस्टम लगातार मिसाइल और ड्रोन हमलों को रोकने में लगी हुई है। कुछ हमले हवा में ही नष्ट कर दिए गए, जबकि कुछ मलबे गिरने से मामूली नुकसान हुआ। इन परिस्थितियों को देखते हुए लोगों से अपील की गई है कि वे मस्जिदों में ही नमाज़ पढ़ें।
इस्लामिक देशों की बैठक
सऊदी अरब की राजधानी रियाद में अरब और इस्लामिक देशों की बैठक हुई, जिसमें कई देशों ने ईरान के हमलों की कड़ी निंदा की।फैसल बिन फरहान अल साउद ने कहा कि सऊदी अरब अपने देश और आर्थिक हितों की रक्षा के लिए सैन्य कार्रवाई का अधिकार रखता है।
सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं और नागरिकों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। ऐसे में ईद पर लोगों को सुरक्षित तरीके से इबादत करने के लिए विशेष निर्देश जारी किए गए हैं।इस निर्णय के पीछे प्राथमिक उद्देश्य नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच किसी भी अप्रिय घटना से बचाव करना है।