UP Board Examinations: UP बोर्ड ने साल 2026 की 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं के बाद मार्किंग सिस्टम में कई बड़े बदलाव किए हैं। इन सुधारों का उद्देश्य परीक्षा प्रणाली को ज्यादा सही, निष्पक्ष और स्टूडेंट्स के हित में रहे। बोर्ड के अनुसार, इस बार उत्तर पुस्तिकाओं की जांच 18 मार्च से शुरू हो चुकी है और इसे मार्च के अंत या अप्रैल के पहले सप्ताह तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। करीब 3 करोड़ कॉपियों की जांच की जाएगी, जिसके बाद अप्रैल के अंत तक रिजल्ट जारी होने की संभावना है।
स्टेप-बेस्ड इवैल्यूएशन सिस्टम में हुआ बदलाव
इस साल का सबसे अहम बदलाव स्टेप-बेस्ड इवैल्यूएशन सिस्टम है। इस प्रणाली के तहत अब केवल अंतिम उत्तर ही नहीं, बल्कि सवाल को कैसे हल किया गया है ये भी देखा जायेगा। यदि छात्र ने सवाल हल करते समय सही फॉर्मूला या तरीका अपनाया है लेकिन अंतिम उत्तर में छोटी गलती हो गई है, तब भी उसे कुछ नंबर मिलेंगे। पहले ऐसी स्थिति में पूरे नंबर काट लिए जाते थे, जिससे छात्रों को नुकसान होता था। यह नई व्यवस्था विशेष रूप से गणित और विज्ञान जैसे विषयों में छात्रों के लिए राहत लेकर आई है और इससे फेल होने वाले छात्रों की संख्या में भी कमी आने की उम्मीद है।
कॉपी चेकिंग प्रक्रिया में भी हुए बदलाव
कॉपी चेकिंग प्रक्रिया में भी बदलाव किए गए हैं। हालांकि मैनुअल जांच पहले की तरह जारी है, लेकिन कई मूल्यांकन केंद्रों पर डिजिटल सिस्टम की शुरुआत की गई है। अब परीक्षकों द्वारा दिए गए अंक ऑनलाइन अपलोड किए जा रहे हैं, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और त्रुटियों की संभावना कम होगी। इसके साथ ही OMR शीट में रोल नंबर और विषय पहले से प्रिंट किए गए हैं, जिससे क्लेरिकल गलतियों को रोका जा सके।
बोर्ड ने अनुशासन पर भी दिखाई सख्ती
बोर्ड ने अनुशासन को लेकर भी सख्ती दिखाई है। यदि किसी उत्तर पुस्तिका में नकदी या किसी प्रकार का अनुचित सामग्री पाया जाता है, तो परीक्षा को रद्द कर दिया जाएगा और संबंधित छात्र के साथ-साथ परीक्षा ड्यूटी में लगे कर्मियों पर भी कार्रवाई की जाएगी। ऐसी स्थिति में जब्त की गई राशि सरकारी खजाने में जमा कर दी जाएगी।
16 नए सिक्योरिटी फीचर्स जोड़े गए
मार्कशीट को सुरक्षित और फर्जीवाड़ा मुक्त बनाने के लिए इस बार 16 नए सिक्योरिटी फीचर्स जोड़े गए हैं। इनमें बारकोड, होलोग्राम, विशेष सिक्योरिटी कोड और अलग-अलग रंगों में डिजाइन किए गए पेज शामिल हैं। पहली और आखिरी पेज को अलग रंग में तैयार किया गया है, जिससे असली और नकली मार्कशीट में फर्क आसानी से किया जा सके। इसके अलावा बोर्ड का लोगो और एंटी-टैंपरिंग फीचर्स भी शामिल किए गए हैं।
कहां देख सकते हैं रिजल्ट?
छात्र अपना रिजल्ट आधिकारिक वेबसाइट पर रोल नंबर दर्ज कर देख सकेंगे। रिजल्ट में विषयवार अंक, कुल अंक, ग्रेड या डिवीजन और पास/फेल की स्थिति स्पष्ट रूप से दिखाई जाएगी। कुल मिलाकर, यूपी बोर्ड के ये बदलाव छात्रों के लिए अधिक न्यायपूर्ण और सुविधाजनक परीक्षा प्रणाली की दिशा में एक बड़ा कदम माने जा रहे हैं।
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