भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) डिजिटल पेमेंट सिस्टम में बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है। केंद्रीय बैंक के कंसल्टेशन पेपर में सुझाव दिया गया है कि ₹10,000 से अधिक के अकाउंट-टू-अकाउंट ट्रांसफर पर एक घंटे की देरी लागू की जाए। यह नियम खासतौर पर यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस जैसे तेज भुगतान नेटवर्क पर लागू हो सकता है। RBI ने इस पर 8 मई तक जनता से सुझाव मांगे हैं, जिसके बाद अंतिम नियम तय किए जाएंगे।
छोटे और रोजमर्रा के पेमेंट पर असर नहीं
प्रस्तावित नियम छोटे ट्रांजैक्शन या व्यापारी भुगतानों पर लागू नहीं होंगे। दुकानों पर खरीदारी या दैनिक जरूरतों के लिए किए जाने वाले पेमेंट पहले की तरह तुरंत पूरे होते रहेंगे। RBI का मानना है कि इन मामलों में पहले से ही विवाद निपटान की व्यवस्था मौजूद है, इसलिए इन्हें प्रभावित करने की जरूरत नहीं है।
डिजिटल फ्रॉड बढ़ने से सख्ती जरूरी
देश में बढ़ते ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामलों ने RBI को यह कदम उठाने पर मजबूर किया है। नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल के अनुसार, 2021 से 2025 के बीच डिजिटल पेमेंट फ्रॉड के मामलों में 10 गुना वृद्धि हुई है और यह आंकड़ा 28 लाख तक पहुंच चुका है। ऐसे में सुरक्षा बढ़ाना जरूरी हो गया है।
ट्रांजैक्शन रद्द करने का मिलेगा मौका
फिलहाल पैसे ट्रांसफर होते ही तुरंत खाते से कट जाते हैं और सामने वाले को मिल जाते हैं। लेकिन नए प्रस्ताव के तहत ₹10,000 से ऊपर के भुगतान पर राशि तुरंत अंतिम रूप से ट्रांसफर नहीं होगी। इस दौरान ग्राहक के खाते से केवल अस्थायी डेबिट होगा। एक घंटे के भीतर यदि यूजर को धोखाधड़ी या गलती का शक होता है, तो वह ट्रांजैक्शन रद्द कर सकता है।
बुजुर्गों के लिए अतिरिक्त सुरक्षा उपाय
RBI ने वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगों की सुरक्षा के लिए विशेष प्रावधान का सुझाव दिया है। 70 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लोगों द्वारा ₹50,000 से ज्यादा के ट्रांजैक्शन के लिए ‘विश्वसनीय व्यक्ति’ की मंजूरी अनिवार्य की जा सकती है। यानी भुगतान पूरा होने से पहले नामांकित व्यक्ति की सहमति जरूरी होगी। हालांकि, ग्राहकों को इस सुविधा से बाहर रहने का विकल्प भी दिया जाएगा।
‘किल स्विच’ फीचर पर भी विचार
केंद्रीय बैंक ‘किल स्विच’ जैसी सुविधा पर भी विचार कर रहा है। इस फीचर के जरिए यूजर एक क्लिक में अपने सभी डिजिटल पेमेंट सिस्टम को बंद कर सकेंगे। यह सुविधा खासतौर पर तब काम आएगी जब फोन चोरी हो जाए या अकाउंट हैक होने का खतरा हो।
डिजिटल पेमेंट को सुरक्षित बनाने की दिशा में कदम
RBI का यह प्रस्ताव डिजिटल भुगतान को और सुरक्षित बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। अगर यह लागू होता है, तो यूजर्स को अधिक नियंत्रण और सुरक्षा मिलेगी, जिससे ऑनलाइन फ्रॉड के मामलों में कमी आने की उम्मीद है।
READ MORE: पिता ने घर बेचा, कर्ज झेला और जेल तक गए… मुकुल ने IPL में चमककर किया पिता का नाम रौशन

