उत्तर प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अब तक का सबसे बड़ा बजट पेश किया है। वित्त मंत्री द्वारा प्रस्तुत इस बजट का कुल आकार 9,12,696.3 करोड़ रुपये रखा गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 12.9 प्रतिशत अधिक है। इस बार के बजट में विशेष रूप से युवाओं, महिलाओं, किसानों और बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण पर जोर दिया गया है।
युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास पर फोकस
सरकार ने युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। बजट में 10 लाख युवाओं को रोजगार के अवसर देने का लक्ष्य रखा गया है। अब तक 9 लाख से अधिक युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जा चुका है, जबकि 5 लाख से ज्यादा युवाओं को अलग-अलग कंपनियों में रोजगार मिल चुका है।
प्रदेश की बेरोजगारी दर घटकर 2.24 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जो सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए ‘टेक युवा-समर्थ युवा’ योजना शुरू की जाएगी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मिशन की स्थापना की जाएगी। साथ ही, पीपीपी (PPP) मॉडल के तहत विभिन्न जिलों में कौशल विकास एवं जॉब प्लेसमेंट केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जिससे युवाओं को स्थानीय स्तर पर ही अवसर मिल सकें।
महिला सशक्तीकरण को प्राथमिकता
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी सरकार ने कई अहम कदम उठाए हैं। बेटियों के विवाह के लिए 1 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई है। ‘मुख्यमंत्री मातृ सुरक्षा संकल्प योजना’ को और प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा।
महिला उद्यमियों को प्रोत्साहन देने के लिए ‘मुख्यमंत्री महिला उद्यमी उत्पाद विपणन योजना’ चलाई जाएगी, ताकि उनके उत्पादों को बाजार में बेहतर पहचान और बिक्री मिल सके। साथ ही, महिलाओं की कार्यबल में भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से विशेष कौशल विकास केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
आर्थिक विकास की रफ्तार
प्रदेश की अर्थव्यवस्था निरंतर प्रगति की ओर बढ़ रही है। वित्त मंत्री के अनुसार, वर्ष 2024–25 में उत्तर प्रदेश की जीएसडीपी (GSDP) 30.25 लाख करोड़ रुपये आंकी गई है, जो लगभग 13.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है। यह आंकड़े राज्य की मजबूत आर्थिक स्थिति और विकास की दिशा में उठाए गए कदमों को दर्शाते हैं।