प्रयागराज स्थित उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के छात्रों के लिए इस बार भी ‘नॉन-टियरेबल’ मार्कशीट जारी करने का फैसला किया है। यह मार्कशीट सिर्फ अंकों का दस्तावेज नहीं, बल्कि हाई-टेक सुरक्षा कवच के रूप में तैयार की गई है, जो आसानी से न फटेगी और न ही पानी से खराब होगी।
मजबूत और टिकाऊ तकनीक
बोर्ड ने इस मार्कशीट को खास मटीरियल से तैयार किया है, जिससे यह लंबे समय तक सुरक्षित रह सके। पुराने सर्टिफिकेट जहां समय के साथ खराब हो जाते थे, वहीं यह नई तकनीक छात्रों के दस्तावेजों को सालों तक सुरक्षित बनाए रखेगी। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा बोर्ड का परिणाम 2026 अप्रैल के तीसरे या चौथे सप्ताह में जारी होने की संभावना है।
फर्जीवाड़ा रोकने के खास इंतजाम
नई मार्कशीट में सुरक्षा के कई ऐसे फीचर्स जोड़े गए हैं, जो नकली दस्तावेज बनाना लगभग असंभव बना देते हैं। धूप में ले जाने पर इसमें लाल रंग का विशेष लोगो चमकता है, जो इसकी असली पहचान है। वहीं, अगर कोई इसकी फोटोकॉपी करता है तो उस पर अपने आप ‘COPY’ या ‘PHOTOCOPY’ लिखा हुआ दिखाई देगा।
खास मटीरियल से तैयार दस्तावेज
यह मार्कशीट पेट्रोलियम उत्पादों के निर्माण के बाद बचे कचरे से बने विशेष मटीरियल से तैयार की जाती है। यही कारण है कि यह बेहद मजबूत और वॉटरप्रूफ होती है। इसके अलावा, इसकी सतह इतनी संवेदनशील है कि किसी भी तरह की ओवरराइटिंग या छेड़छाड़ तुरंत पकड़ में आ जाती है।
युद्ध का असर और बोर्ड की तैयारी
ईरान, अमेरिका और इज़राइल के बीच चल रहे तनाव के कारण कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित हुई, जिससे इस मटीरियल की उपलब्धता पर असर पड़ा। हालांकि, बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने स्पष्ट किया है कि टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और मार्कशीट समय पर उपलब्ध कराई जाएंगी।
छात्रों के लिए राहत की खबर
बोर्ड ने भरोसा दिलाया है कि सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं और छात्रों को बिना किसी देरी के यह हाई-टेक मार्कशीट दी जाएगी। इस पहल से न सिर्फ दस्तावेजों की सुरक्षा बढ़ेगी, बल्कि फर्जीवाड़े पर भी पूरी तरह लगाम लगेगी।