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‘भारतीयों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता’, पश्चिम एशिया तनाव के बीच बोले UAE के राजदूत

India-Dubai Relations: पश्चिम एशिया में जारी तनाव और हमलों के बीच संयुक्त अरब अमीरात ने भारत के साथ अपने मजबूत रिश्तों को दोहराते हुए वहां रह रहे भारतीयों की सुरक्षा को लेकर बड़ा भरोसा दिया है। भारत में यूएई के राजदूत अब्दुल नासिर अलशाली ने ईद के मौके पर जारी एक खुले पत्र में कहा कि मौजूदा हालात के बावजूद देश पूरी तरह सुरक्षित, स्थिर और सामान्य रूप से काम कर रहा है।

UAE को बताया सुरक्षित 

राजदूत ने बताया कि हाल के दिनों में ईरान की ओर से 2000 से अधिक मिसाइल और ड्रोन हमले किए गए, लेकिन यूएई की मजबूत रक्षा प्रणाली ने ज्यादातर हमलों को नाकाम कर दिया। इसके बावजूद देश में बिजली, पानी, स्वास्थ्य सेवाएं, संचार व्यवस्था और खाद्य आपूर्ति जैसी आवश्यक सेवाएं बिना किसी बाधा के जारी हैं। होटल, मॉल, पर्यटन स्थल और बैंकिंग सिस्टम भी सामान्य रूप से काम कर रहे हैं।

यूएई में रह रहे भारतीय लोगों का किया जिक्र 

उन्होंने विशेष रूप से यूएई में रह रहे भारतीय समुदाय का जिक्र करते हुए कहा कि करीब 40 लाख भारतीय पूरी सुरक्षा और भरोसे के साथ वहां अपना जीवन बिता रहे हैं। उनके मुताबिक, यूएई की सुरक्षा व्यवस्था इतनी मजबूत है कि संकट के समय भी देश में स्थिरता बनी रहती है। साथ ही, भारतीय कारोबारियों को आश्वस्त करते हुए उन्होंने कहा कि व्यापारिक गतिविधियां, सप्लाई चेन, बंदरगाह और एयरपोर्ट पूरी तरह सुचारू हैं।

यूएई में रह रहे भारतीयों को बताया देश का अहम हिस्सा

राजदूत ने यह भी स्पष्ट किया कि यूएई में रहने वाले भारतीय केवल प्रवासी नहीं, बल्कि देश की सामाजिक और आर्थिक संरचना का अहम हिस्सा हैं। वे यहां काम करते हैं, परिवार बसाते हैं और विकास में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। कई लोगों के लिए यूएई अब स्थायी घर जैसा बन चुका है।

भारत और यूएई के बीच मजबूत संबंधों का किया जिक्र 

भारत और यूएई के बीच मजबूत संबंधों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि दोनों देशों के रिश्ते समय के साथ और गहरे हुए हैं। वर्तमान में द्विपक्षीय व्यापार 100 अरब डॉलर से अधिक का हो चुका है और यूएई-भारत CEPA समझौता के जरिए आर्थिक सहयोग को और मजबूती मिल रही है।

PM मोदी ने की यूएई के राष्ट्रपति संग बातचीत

इससे पहले 18 मार्च को नरेंद्र मोदी ने यूएई के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से फोन पर बातचीत की थी। इस दौरान उन्होंने हमलों की कड़ी निंदा करते हुए हॉर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने पर जोर दिया था। मौजूदा क्षेत्रीय संकट के बीच यूएई ने अपने मजबूत सुरक्षा ढांचे और भारत के साथ गहरे रिश्तों के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की है कि हालात नियंत्रण में हैं और भारतीय समुदाय को किसी भी तरह की चिंता करने की जरूरत नहीं है।

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