Uttarakhand Seaplane: चारधाम यात्रा से पहले उत्तराखंड ने पर्यटन और हवाई कनेक्टिविटी के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। ऋषिकेश के गंगा बैराज पर सी-प्लेन की सफल ट्रायल लैंडिंग के साथ राज्य में परिवहन के नए युग की शुरुआत मानी जा रही है। आसमान से उड़ता हुआ विमान जैसे ही नदी के जल पर उतरा, यह दृश्य देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग जुट गए।
गंगा बैराज पर ऐतिहासिक ट्रायल
इस ट्रायल को एक निजी कंपनी द्वारा अंजाम दिया गया, जिसने सफलतापूर्वक सी-प्लेन को पानी पर उतारा। यह प्रयोग तकनीकी रूप से सफल रहा और इससे यह संकेत मिला कि उत्तराखंड में सी-प्लेन सेवा शुरू करने की दिशा में ठोस प्रगति हो रही है। राज्य सरकार लंबे समय से आधुनिक परिवहन सुविधाओं को बढ़ावा देने पर काम कर रही है और यह कदम उसी दिशा में अहम माना जा रहा है।
ट्रैवल को मिलेगा बढ़ावा
विशेषज्ञों के अनुसार, इस सेवा के शुरू होने से चारधाम यात्रा, एडवेंचर टूरिज्म और वीकेंड ट्रैवल को बड़ा बढ़ावा मिलेगा। देश-विदेश से आने वाले पर्यटक अब कम समय में सीधे ऋषिकेश और आसपास के प्रमुख स्थलों तक पहुंच सकेंगे, जिससे स्थानीय रोजगार और अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
झीलों तक विस्तार की तैयारी
राज्य सरकार भविष्य में इस सेवा का विस्तार टिहरी झील, नैनीताल झील और अन्य जलाशयों तक करने की योजना बना रही है। इसके जरिए उत्तराखंड को देश का प्रमुख सी-प्लेन डेस्टिनेशन बनाने पर फोकस किया जा रहा है। यह पहल उन क्षेत्रों तक पहुंच आसान बनाएगी, जहां एयरपोर्ट बनाना कठिन या संभव नहीं है।
#WATCH | Uttarakhand: A historic moment was witnessed today at the Ganga Barrage when a private company successfully conducted a trial landing of a seaplane. This initiative is being seen as a significant step toward taking air connectivity and tourism in the state to new… pic.twitter.com/tKMCsjKwXu
— ANI (@ANI) April 6, 2026
एयर ऑपरेटिंग सर्टिफिकेट लेने की प्रक्रिया होगी शुरू
स्काईहोप एविएशन के फाउंडर और सीईओ अवनि सिंह के अनुसार, 6 अप्रैल को ऋषिकेश के गंगा बैराज पर सफल सी-प्लेन टेस्ट फ्लाइट पूरी की गई। कंपनी भारत की पहली कमर्शियल सी-प्लेन सेवा शुरू करने की तैयारी कर रही है और जल्द ही एयर ऑपरेटिंग सर्टिफिकेट लेने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। प्रारंभिक चरण में लक्ष्यद्वीप के पांच द्वीपों को आपस में और मुख्य भूमि से जोड़ने की योजना है, जिसके लिए 19 सीटों वाले विमान का उपयोग किया जाएगा।
दूर-दराज के इलाकों की कनेक्टिविटी होगी बेहतर
आगे चलकर इस सेवा को देश के अन्य हिस्सों में भी विस्तार देने पर काम किया जा रहा है। इस परियोजना को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच से प्रेरित बताया गया है। साथ ही नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू, नागरिक उड्डयन मंत्रालय और DGCA का सहयोग भी इसमें मिल रहा है। सी-प्लेन सेवा शुरू होने से न सिर्फ यात्रा समय कम होगा, बल्कि दूर-दराज के इलाकों की कनेक्टिविटी भी बेहतर होगी। इसे उत्तराखंड में हवाई पर्यटन के एक नए अध्याय की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।
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