HomeBreaking Newsसंगम में 'शाही प्रोटोकॉल' बना मुसीबत, BSNL अधिकारी को मंत्री की फटकार

संगम में ‘शाही प्रोटोकॉल’ बना मुसीबत, BSNL अधिकारी को मंत्री की फटकार

केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने BSNL Director विवेक बंजल के प्रयागराज दौरे के लिए जारी कथित ‘शाही प्रोटोकॉल’ पर सख्त रुख अपनाया है। 19 फरवरी को DGM स्तर से जारी इस विस्तृत प्रोटोकॉल के सार्वजनिक होने के बाद विभाग में हलचल मच गई। मामला सामने आते ही मंत्री ने कारण बताओ नोटिस जारी कर सात दिन के भीतर जवाब तलब किया है।

बताया गया कि 25 फरवरी को प्रस्तावित प्रयागराज दौरे के दौरान संगम स्नान और भोजन व्यवस्था समेत विभिन्न व्यवस्थाओं के लिए 50 से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई थी। दस्तावेज के सोशल मीडिया पर वायरल होते ही इसे नियमों और परंपराओं के विपरीत बताते हुए दौरा रद्द कर दिया गया। सरकार ने इसे स्थापित प्रक्रिया का उल्लंघन मानते हुए प्रयागराज के पीजीएमटी ब्रजेंद्र कुमार सिंह का तबादला आंध्र प्रदेश कर दिया है।

संगम स्नान से तौलिया तक की व्यवस्था

वायरल प्रोटोकॉल में स्वागत से लेकर संगम स्नान तक का मिनट-टू-मिनट कार्यक्रम तैयार किया गया था। स्नान के बाद कपड़े बदलने, तौलिया उपलब्ध कराने और निजी सामान की देखरेख तक के लिए अलग-अलग अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई थी। यहां तक निर्देश दिए गए थे कि कोई भी वस्तु स्थल पर छूट न जाए, इसका विशेष ध्यान रखा जाए।

सोशल मीडिया पर इस व्यवस्था को ‘वीआईपी संस्कृति’ और ‘शाही आवभगत’ करार देते हुए तीखी आलोचना हुई। आलोचकों का कहना था कि सार्वजनिक उपक्रम में इस तरह की व्यवस्थाएं अनावश्यक हैं और संसाधनों का दुरुपयोग दर्शाती हैं।

मंत्री की फटकार

मामला तूल पकड़ने के बाद मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इसे पूरी तरह अनुचित बताया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकारी कामकाज में दिखावे और अनावश्यक प्रोटोकॉल की कोई जगह नहीं है। मुख्यालय के निर्देश पर पीजीएमटी ब्रजेंद्र कुमार सिंह को श्रीकाकुलम (आंध्र प्रदेश) स्थानांतरित कर दिया गया, जबकि डीएम जागेश्वर वर्मा का तबादला नेटवर्क ट्रांसमिशन नॉर्थ यूनिट में किया गया है।

विभाग के जनसंपर्क अधिकारी ने पुष्टि की कि प्रस्तावित दौरा निरस्त कर दिया गया है और संबंधित प्रोटोकॉल को अमान्य घोषित कर दिया गया है।

सात दिन में देना होगा जवाब

विवादित आदेश पीजीएमटी कार्यालय से जारी हुआ था, जिस पर डीजीएम के हस्ताक्षर थे। अब इस पूरे मामले में सीधे निदेशक विवेक बंजल से जवाब मांगा गया है। उन्हें सात दिन के भीतर अपनी सफाई प्रस्तुत करनी होगी।

इस कार्रवाई के बाद BSNL महकमे में हलचल तेज हो गई है। मंत्री के सख्त तेवरों से यह संकेत साफ है कि सरकारी संस्थानों में अनावश्यक ‘शाही’ व्यवस्थाओं और वीआईपी संस्कृति को लेकर अब कड़ा रुख अपनाया जाएगा।

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