Strait of Hormuz Crisis: मिडिल-ईस्ट में जारी तनाव के बीच अब संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के ईरान के खिलाफ सीधे तौर पर उतरने के संकेत मिल रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, UAE संयुक्त राज्य अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के साथ मिलकर होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित करने और उसे दोबारा खोलने के लिए सैन्य सहयोग देने पर विचार कर रहा है। यदि ऐसा होता है, तो यह संघर्ष को और व्यापक बना सकता है।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर बढ़ी रणनीतिक हलचल
होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल सप्लाई का सबसे अहम मार्ग माना जाता है। यह रास्ता खाड़ी देशों, खासकर UAE के लिए ऊर्जा निर्यात, जहाजरानी और खाद्य आपूर्ति की जीवनरेखा है। ऐसे में इसे हर हाल में चालू रखना UAE की प्राथमिकता बन गया है।
अंतरराष्ट्रीय गठबंधन बनाने की कोशिश
रिपोर्ट के मुताबिक UAE के राजनयिक अमेरिका, यूरोप और एशिया की सैन्य शक्तियों से संपर्क कर रहे हैं, ताकि एक संयुक्त गठबंधन बनाकर जरूरत पड़ने पर इस समुद्री मार्ग को बलपूर्वक खोला जा सके। इसके साथ ही UAE संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में एक प्रस्ताव पारित कराने की कोशिश कर रहा है, जिससे संभावित सैन्य कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय मंजूरी मिल सके।
अमेरिका और सहयोगियों में रणनीतिक मतभेद
इस घटनाक्रम के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कथित तौर पर ईरान के साथ चल रहे संघर्ष को जल्द खत्म करने की योजना बना रहे हैं। माना जा रहा है कि वॉशिंगटन फिलहाल युद्ध को सीमित रखने और उससे बाहर निकलने की रणनीति पर काम कर रहा है। वहीं UAE जैसे कुछ सहयोगी देश अमेरिका से इस कार्रवाई को जारी रखने की मांग कर रहे हैं।
खाड़ी का पहला देश बन सकता है UAE
विशेषज्ञों के अनुसार, यदि UAE इस संघर्ष में सक्रिय रूप से शामिल होता है, तो यह खाड़ी क्षेत्र का पहला देश होगा जो ईरानी हमलों के बाद खुलकर सैन्य भूमिका निभाएगा। इससे न केवल क्षेत्रीय तनाव बढ़ेगा, बल्कि वैश्विक ऊर्जा बाजार और समुद्री व्यापार पर भी बड़ा असर पड़ सकता है।
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