पंजाब सरकार में कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ETO को लेकर दिए गए एक बयान के बाद कांग्रेस नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा विवादों में घिर गए हैं। अमृतसर के जंडियाला गुरु में एक जनसभा के दौरान बाजवा की टिप्पणी को लेकर आम आदमी पार्टी ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है।
इसी मामले में पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग ने प्रताप सिंह बाजवा को नोटिस जारी कर बुधवार (11 फरवरी) को दोपहर 3 बजे आयोग के सामने पेश होकर अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही आयोग ने अमृतसर देहात के SSP से भी पूरे मामले पर रिपोर्ट तलब की है।
बाजवा के बयान के विरोध में AAP का प्रदर्शन
प्रताप सिंह बाजवा के बयान के खिलाफ आम आदमी पार्टी ने सोमवार (9 फरवरी) को चंडीगढ़ में उनके आवास तक मार्च निकालने की कोशिश की। हालांकि, चंडीगढ़ पुलिस ने सेक्टर-4 में ही प्रदर्शनकारियों को रोक लिया। इस दौरान हालात को काबू में करने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया।
प्रदर्शन के दौरान AAP कार्यकर्ता बैंड-बाजे के साथ सड़कों पर उतरे और बाजवा के खिलाफ नारेबाजी की। इस विरोध प्रदर्शन में पंजाब सरकार के मंत्री, आम आदमी पार्टी के विधायक और बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता शामिल हुए। मंत्री हरभजन सिंह ETO ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बैंड बजाकर रोज़ी-रोटी कमाना कोई अपराध नहीं है।
क्या था बाजवा का बयान
दरअसल, 7 फरवरी को जंडियाला गुरु में आयोजित एक जनसभा में प्रताप सिंह बाजवा ने हरभजन सिंह ETO को ‘बैंड-बाजा बजाने वाला’ कहकर संबोधित किया था और कहा था कि आने वाले चुनावों में जनता उन्हें सबक सिखाएगी। आम आदमी पार्टी ने इस टिप्पणी को दलित समुदाय का अपमान बताया और बाजवा से सार्वजनिक माफी की मांग की है।
हरभजन सिंह ETO जंडियाला विधानसभा सीट से विधायक हैं, जो अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित सीट है। वहीं, प्रताप सिंह बाजवा ने अपने बचाव में कहा है कि उनके बयान का किसी जाति या समुदाय को ठेस पहुंचाने का कोई इरादा नहीं था। बाजवा का कहना है कि उन्होंने केवल राजनीतिक संदर्भ में टिप्पणी की थी और वीडियो में उनके बैंड बजाने की बात कही थी।