मिडिल ईस्ट यानी पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी(PM Modi) ने लोकसभा में संसद के सदस्यों को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने विस्तार से बताया कि युद्ध के इस दौर में भारत सरकार कौन-कौन से कदम उठा रही है ताकि देशवासियों को कोई असुविधा न हो। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वर्तमान परिस्थितियों में होर्मुज मार्ग के जरिए जरूरी आपूर्ति लाना चुनौतीपूर्ण हो गया है। आइए जानते हैं उनके संबोधन की 10 अहम बातें:
1. भारत के लिए यह चिंता का विषय
प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट किया कि यह युद्ध भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है। खाड़ी और होर्मुज का मार्ग भारत के लिए केवल समुद्री रास्ता नहीं है, बल्कि यह हमारी ऊर्जा की जीवनरेखा है। इस क्षेत्र से भारत को तेल, गैस और अन्य जरूरी सामान मिलता है। साथ ही, यहां रहने वाले लगभग एक करोड़ भारतीय और भारतीय नाविकों की सुरक्षा हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी है। यही वजह है कि भारत को इस मामले में अन्य देशों से अधिक सतर्कता बरतनी पड़ रही है।
2. हर भारतीय की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता
प्रधानमंत्री ने बताया कि मिडिल ईस्ट में फंसे सभी भारतीयों की मदद के लिए सरकार हर कदम उठा रही है। प्रभावित देशों में भारतीय दूतावास लगातार कार्यरत हैं और हर जरूरतमंद तक मदद पहुँचाई जा रही है। 24×7 इमरजेंसी हेल्पलाइन और आउटरीच रूम बनाए गए हैं ताकि तुरंत जानकारी और सहायता मिल सके। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि संकट के समय हर भारतीय की सुरक्षा सर्वोपरि है।
3. लाखों भारतीय सुरक्षित स्वदेश लौट चुके हैं
प्रधानमंत्री ने कहा कि अब तक लगभग 3.75 लाख भारतीय सुरक्षित भारत लौट चुके हैं। केवल ईरान से ही करीब 1000 भारतीय स्वदेश आए हैं, जिनमें 700 से अधिक मेडिकल छात्र शामिल हैं।
4. खाड़ी देशों में पढ़ाई प्रभावित न हो, CBSE का फैसला
प्रधानमंत्री ने बताया कि खाड़ी देशों के छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो इसके लिए CBSE ने वहां 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं रद्द कर दी हैं। इससे बच्चों की शिक्षा बाधित नहीं होगी और उन्हें आवश्यक मदद दी जा रही है।
5. होर्मुज मार्ग और ऊर्जा आपूर्ति चुनौतीपूर्ण
प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि भारत के कच्चे तेल, गैस और अन्य जरूरी वस्त्रों का बड़ा हिस्सा होर्मुज मार्ग से आता है। युद्ध के कारण इस मार्ग से पारगमन मुश्किल हो गया है। सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि पेट्रोल, डीजल और गैस की आपूर्ति प्रभावित न हो। LPG की घरेलू आपूर्ति को प्राथमिकता दी गई है और देश में इसके उत्पादन को बढ़ाने के प्रयास जारी हैं।
6. कोविड जैसी एकजुटता अब भी आवश्यक है
प्रधानमंत्री मोदी(PM Modi) ने कहा कि वर्तमान संकट में कोविड महामारी की तरह मिलकर सामना करना होगा। दुनिया में पैदा हुए जटिल हालात का प्रभाव लंबी अवधि तक रहेगा। इसलिए हमें एकजुट होकर तैयारी करनी होगी और इस चुनौती का सामूहिक सामना करना होगा।
7. भारत ने पहले से की तैयारी
प्रधानमंत्री ने बताया कि पिछले 11 सालों में भारत ने ऊर्जा सुरक्षा के लिए कई तैयारी की हैं। सौर ऊर्जा क्षमता 3 गीगावाट से बढ़कर 140 गीगावाट हो गई है। PM सूर्यघर योजना के तहत 40 लाख रूफटॉप सोलर पैनल लगाए गए हैं। गोवर्धन योजना के तहत देश में 200 कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट चालू हो चुके हैं और स्मॉल हाइड्रोपावर डेवलपमेंट स्कीम को मंजूरी दी गई है।
8. परमाणु ऊर्जा में निवेश
प्रधानमंत्री ने बताया कि शांति एक्ट के तहत देश में परमाणु ऊर्जा उत्पादन बढ़ाने की पहल की जा रही है। इससे भविष्य में विदेशी ऊर्जा पर निर्भरता कम होगी और ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी।
9. बातचीत और कूटनीति ही समाधान का मार्ग
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने सभी अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी चिंता जताई है। भारत ने पश्चिम एशिया के सभी अहम नेताओं से संपर्क किया और आम नागरिकों, ऊर्जा ढांचे और व्यापारी जहाजों पर हमलों को रोकने की अपील की। होर्मुज जैसे अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग को अवरुद्ध करना अस्वीकार्य है और भारत शांति और कूटनीति के माध्यम से समाधान चाहता है।
10. देश की सुरक्षा हाई अलर्ट पर
प्रधानमंत्री ने चेताया कि संकट के समय कुछ लोग मौके का फायदा उठा सकते हैं। इसलिए तटीय सुरक्षा, सीमा सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और रणनीतिक ठिकानों पर सतर्कता बढ़ा दी गई है। सभी कानून-व्यवस्था एजेंसियां अलर्ट मोड में हैं और देश की सुरक्षा हर मोर्चे पर मजबूत की जा रही है।