संसद के बजट सत्र के दौरान आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दोपहर 2 बजे राज्यसभा में महत्वपूर्ण संबोधन देने वाले हैं। इस भाषण को लेकर सियासी हलकों में खासा उत्साह है, क्योंकि देश और दुनिया से जुड़े कई अहम मुद्दों पर प्रधानमंत्री का रुख सामने आ सकता है।
क्या रहेगा संबोधन का एजेंडा?
सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री का यह संबोधन मौजूदा वैश्विक हालात, देश की आर्थिक स्थिति और सरकार की आगे की रणनीति पर केंद्रित रह सकता है। खास तौर पर पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव और उसके भारत पर प्रभाव को लेकर सरकार पहले ही चिंता जता चुकी है।
बताया जा रहा है कि पीएम मोदी संसद में अंतरराष्ट्रीय हालात और भारत की स्थिति स्पष्ट कर सकते हैं, ऊर्जा सुरक्षा और व्यापार पर पड़ रहे असर पर बात कर सकते हैं, सरकार की तैयारियों और रणनीति का खाका पेश कर सकते हैं
पहले भी जता चुके हैं चिंता
हाल ही में प्रधानमंत्री ने संसद में कहा था कि पश्चिम एशिया का संकट भारत के लिए “अभूतपूर्व चुनौतियां” पैदा कर रहा है और इससे वैश्विक व्यापार व ऊर्जा सप्लाई प्रभावित हो सकती है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया था कि भारत शांति, संवाद और स्थिरता के पक्ष में है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। विपक्ष की नजर भी भाषण पर प्रधानमंत्री के इस संबोधन पर विपक्ष की भी कड़ी नजर रहेगी। इससे पहले विपक्ष ने सरकार पर विदेश नीति को लेकर सवाल उठाए थे, ऐसे में आज सदन में तीखी बहस देखने को मिल सकती है।
क्यों है भाषण अहम?
वैश्विक संकट के बीच भारत की रणनीति स्पष्ट होगी, आर्थिक और सुरक्षा मामलों पर सरकार का रुख सामने आएगा, संसद में सियासी टकराव तेज हो सकता है।

