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नोएडा में कारोबारी को डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर 1 करोड़ 29 लाख रुपये की ठगी

ग्रेटर नोएडा में साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक कारोबारी को डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर ठगों ने 1 करोड़ 29 लाख रुपये से अधिक की रकम हड़प ली। पीड़ित ने सेक्टर-36 स्थित साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई है और पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।

ठग ने एजेंसियों की कार्रवाई का डर दिखाया

शिकायत के मुताबिक, सूरजपुर निवासी कारोबारी को 6 फरवरी 2026 को एक फोन कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को सरकारी एजेंसी का अधिकारी बताते हुए दावा किया कि पीड़ित के नाम पर जारी एक सिम कार्ड का इस्तेमाल गैरकानूनी गतिविधियों में किया जा रहा है। ठग ने मामले को गंभीर बताते हुए जांच एजेंसियों की कार्रवाई का डर दिखाया।

कुछ ही देर में ठगों ने वीडियो कॉल के जरिए पीड़ित को डिजिटल अरेस्ट में होने का भ्रम पैदा किया। कॉल के दौरान कोर्ट जैसी सेटिंग दिखाई गई, जिसमें एक व्यक्ति जज के रूप में बैठा था और दूसरा पुलिस अधिकारी की वर्दी में खड़ा नजर आया। इस नाटक के जरिए पीड़ित पर मानसिक दबाव बनाया गया और उसे सहयोग न करने पर तत्काल गिरफ्तारी की धमकी दी गई।

13 फरवरी से 26 फरवरी के बीच कई किश्तों में रकम भेजी

इसके बाद ठगों ने कारोबारी से कहा कि उसके बैंक खातों की जांच की जाएगी। उसे घर से बाहर न निकलने और लगातार कॉल पर बने रहने के निर्देश दिए गए। भरोसा दिलाया गया कि जांच पूरी होने के बाद पैसा वापस कर दिया जाएगा। इस बहाने ठगों ने उससे अपने खाते की रकम वेरिफिकेशन के नाम पर अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करवा ली।

डर के चलते पीड़ित ने 13 फरवरी से 26 फरवरी के बीच कई किश्तों में रकम भेजी। 13 फरवरी को करीब 51.95 लाख रुपये, 19 फरवरी को 48.95 लाख रुपये, 21 फरवरी को 10.95 लाख रुपये, 25 फरवरी को 17.20 लाख रुपये और 26 फरवरी को 56,962 रुपये ट्रांसफर किए गए। कुल मिलाकर 1,29,61,962 रुपये ठगों के खातों में चले गए।

ठगी को विश्वसनीय बनाने के लिए आरोपियों ने बाद में सुप्रीम कोर्ट और मुंबई पुलिस के नाम से फर्जी दस्तावेज भी भेजे और नो ड्यूज सर्टिफिकेट जारी होने का दावा किया। हालांकि, जब काफी समय तक पैसा वापस नहीं मिला, तब पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ।

इसके बाद 12 मार्च को पीड़ित ने ऑनलाइन पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और आरोपियों की पहचान कर उन्हें पकड़ने की कोशिश की जा रही है।

विशेषज्ञों ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है और कहा है कि किसी भी अनजान कॉल या वीडियो कॉल पर अपनी निजी और बैंकिंग जानकारी साझा न करें।

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