शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी(PM Modi) ने वेस्ट एशिया में बढ़ते तनाव को लेकर राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ एक महत्वपूर्ण वर्चुअल बैठक की। करीब दो घंटे चली इस मीटिंग में मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के संभावित बंद होने के खतरे पर विस्तार से चर्चा हुई।
‘लॉकडाउन की जरूरत नहीं’, पीएम का साफ संकेत
सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री(PM Modi) ने स्पष्ट किया कि मौजूदा वैश्विक हालात के बावजूद देश में लॉकडाउन लगाने की कोई योजना नहीं है। उन्होंने सभी राज्यों से अपील की कि वे ‘टीम इंडिया’ की भावना से मिलकर काम करें ताकि स्थिति को बेहतर तरीके से संभाला जा सके।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पीएम मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि सरकार का फोकस आर्थिक स्थिरता बनाए रखने, व्यापार को सुचारू रखने और देश की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने पर है। इसके साथ ही सप्लाई चेन को मजबूत करने और जरूरी वस्तुओं की उपलब्धता बनाए रखने पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया।
जमाखोरी और अफवाहों पर सख्ती के निर्देश
प्रधानमंत्री ने राज्यों को निर्देश दिए कि जमाखोरी और मुनाफाखोरी पर कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही उन्होंने फेक न्यूज और अफवाहों के प्रसार को रोकने पर जोर देते हुए कहा कि जनता तक केवल सही और विश्वसनीय जानकारी पहुंचनी चाहिए।
मुख्यमंत्रियों ने बैठक में भरोसा दिलाया कि उनके राज्यों में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता है और हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं। उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों की सराहना भी की।
चुनावी राज्यों के CM नहीं हो सके शामिल
बैठक में पश्चिम बंगाल, असम, केरल, पुडुचेरी और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री शामिल नहीं हो पाए। इन राज्यों में चुनाव के चलते आचार संहिता लागू है, जिसकी वजह से वे इस चर्चा का हिस्सा नहीं बने।