अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष के 21वें दिन पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप(Donald Trump) ने एक अहम संकेत देते हुए सैन्य अभियान को समेटने की संभावना जताई है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर साझा किए गए अपने विस्तृत संदेश में उन्होंने कहा कि अमेरिका अपने सैन्य लक्ष्यों को हासिल करने के काफी करीब पहुंच चुका है और अब मध्य पूर्व में चल रहे बड़े ऑपरेशनों को धीरे-धीरे कम करने पर विचार किया जा रहा है।
अमेरिकी कार्रवाई में ईरान को कितना पहुंचा नुकसान ?
ट्रंप ने अपने दावों में कहा कि अमेरिकी कार्रवाई के दौरान ईरान की मिसाइल क्षमता, रक्षा उत्पादन ढांचा, नौसेना और वायुसेना को गंभीर नुकसान पहुंचाया गया है। उन्होंने यह भी दोहराया कि अमेरिका हर हाल में यह सुनिश्चित करेगा कि ईरान परमाणु हथियार विकसित करने की स्थिति में न पहुंच सके। साथ ही, उन्होंने क्षेत्रीय सहयोगियों-इज़रायल, सऊदी अरब, कतर, यूएई, बहरीन और कुवैत-की सुरक्षा को लेकर अमेरिका की प्रतिबद्धता दोहराई।
अहम पहलू – स्ट्रेट ऑफ होर्मुज
ट्रंप के बयान का एक अहम पहलू स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की सुरक्षा से जुड़ा रहा। उन्होंने कहा कि इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग का उपयोग करने वाले देशों को अब इसकी सुरक्षा और निगरानी की जिम्मेदारी खुद उठानी चाहिए। अमेरिका जरूरत पड़ने पर सहयोग करेगा, लेकिन मुख्य जिम्मेदारी अन्य देशों की होनी चाहिए।
उन्होंने तर्क दिया कि चूंकि अमेरिका इस मार्ग का प्रत्यक्ष उपयोग नहीं करता, इसलिए अन्य देशों को आगे आना चाहिए। ट्रंप के मुताबिक, ईरान से जुड़े खतरे कम होने के बाद इस क्षेत्र में अमेरिका की बड़ी सैन्य मौजूदगी की आवश्यकता भी घट जाएगी।