Middle East Conflict: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अहम वैश्विक समुद्री मार्ग होर्मुज स्ट्रेट जल्द ही खुल सकता है। उन्होंने कहा कि अगर तेहरान के साथ बातचीत सफल होती है, तो इस जलडमरूमध्य को फिर से चालू किया जा सकता है। ट्रंप ने मजाकिया अंदाज में यह भी कहा कि ‘शायद मैं और अयातुल्लाह मिलकर नियंत्रण करेंगे।’ उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा, ‘शायद मैं, शायद मैं और अयातुल्लाह, जो भी अगले अयातुल्लाह होंगे।’
ट्रंप ने ईरान के साथ लिया बड़ा फैसला
फ्लोरिडा में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने बताया कि अमेरिका ने ईरान के ऊर्जा नेटवर्क पर संभावित हमलों को फिलहाल पांच दिनों के लिए टाल दिया है। उन्होंने दावा किया कि यह फैसला ईरान के साथ “अच्छी बातचीत” के चलते लिया गया है। हालांकि, यह साफ नहीं किया गया कि बातचीत में कौन शामिल था या किन शर्तों पर चर्चा हुई।
ट्रंप के बयान का असर वैश्विक बाजारों में देखने को मिला
ट्रंप के इस बयान का असर तुरंत वैश्विक बाजारों में देखने को मिला। ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई, डॉलर कमजोर हुआ, जबकि शेयर बाजारों में तेजी आई और सरकारी उधारी की लागत में कमी देखी गई।
ईरान ने ट्रंप के दावों को खारिज किया
वहीं, ईरान ने ट्रंप के दावों को खारिज कर दिया है। ईरानी समाचार एजेंसी ने स्पष्ट कहा कि अमेरिका के साथ किसी भी तरह की न तो सीधी और न ही अप्रत्यक्ष बातचीत हुई है। इस बीच, क्षेत्र में सैन्य तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है।
इजरायल ने ईरान के साउथ पार्स गैस फील्ड पर हमला किया
हाल ही में 18 मार्च को इजरायल ने ईरान के साउथ पार्स गैस फील्ड पर हमला किया था, जिसके जवाब में ईरान ने कतर के रास लफ्फान एलएनजी प्लांट को निशाना बनाया। ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर उसके पावर प्लांट्स पर हमला होता है, तो वह खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों को बिजली सप्लाई करने वाले संयंत्रों को निशाना बनाएगा। होर्मुज स्ट्रेट का महत्व वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से बेहद अहम है। दुनिया के करीब 20 प्रतिशत तेल और एलएनजी की सप्लाई इसी मार्ग से होती है। हाल के संघर्षों और 28 फरवरी के अमेरिका-इजरायल हमलों के बाद यह मार्ग लगभग बंद हो गया था, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार पर बड़ा असर पड़ा।
मिडिल ईस्ट में हालात बेहद नाजुक
इन हमलों के दौरान ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत की खबरें भी सामने आई थीं, जिससे क्षेत्रीय तनाव और बढ़ गया। कुल मिलाकर, ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है जब मिडिल ईस्ट में हालात बेहद नाजुक बने हुए हैं। एक ओर जहां संभावित बातचीत की उम्मीद जताई जा रही है, वहीं दूसरी ओर जमीनी स्तर पर टकराव और अनिश्चितता अभी भी बरकरार है।
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