Delhi Arms Smuggling: दिल्ली क्राइम ब्रांच ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े नेटवर्क का खुलासा किया है। इस मामले में दो आरोपियों, इमरान (37) और मोहम्मद कामरान (27), को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, यह गिरोह थाईलैंड और नेपाल के रास्ते भारत में अवैध हथियारों की सप्लाई करता था।
थाईलैंड-नेपाल के जरिए भारत में पहुंचते थे हथियार
जांच में सामने आया है कि यह मॉड्यूल विदेशी नेटवर्क के जरिए हथियारों को पहले थाईलैंड भेजता था, वहां से नेपाल के रास्ते भारत में तस्करी की जाती थी। इस पूरे नेटवर्क का मकसद देश की आंतरिक सुरक्षा को कमजोर करना और आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देना था। खुफिया एजेंसियों को इनपुट मिले थे कि इन हथियारों का इस्तेमाल बड़े आतंकी हमलों में किया जा सकता है। विशेष रूप से धार्मिक आयोजनों, त्योहारों और भीड़भाड़ वाले इलाकों को निशाना बनाने की साजिश रची जा रही थी।
लुकआउट सर्कुलर के आधार पर हुई गिरफ्तारी
दोनों आरोपियों को आईजीआई एयरपोर्ट पर लुकआउट सर्कुलर के आधार पर रोका गया। पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के मुताबिक, ये दोनों कुख्यात तस्कर शाहबाज अंसारी के करीबी सहयोगी हैं और पिछले एक साल से इस नेटवर्क में सक्रिय थे। इमरान के पास से 0.30 बोर की चीन निर्मित पिस्टल और 5 जिंदा कारतूस बरामद हुए, जबकि कामरान के पास से 0.32 बोर का रिवॉल्वर और 6 कारतूस मिले हैं।
अब तक 12 आरोपी गिरफ्तार
क्राइम ब्रांच के डीसीपी संजीव कुमार यादव के अनुसार, इस मामले की जांच 14 मार्च को दर्ज केस के बाद शुरू हुई थी। अब तक इस गिरोह से जुड़े कुल 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस ने इनके कब्जे से 23 विदेशी हथियार और 211 कारतूस बरामद किए हैं।
मॉडिफाइड कार में छिपाए जाते थे हथियार
पुलिस को आरोपियों के पास से एक मॉडिफाइड कार भी मिली है, जिसमें बेहद चालाकी से गुप्त खांचे बनाए गए थे। इन छिपे हुए हिस्सों में हथियार रखकर देश के अलग-अलग हिस्सों में सप्लाई की जाती थी, जिससे जांच एजेंसियों को चकमा दिया जा सके। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क के अन्य सदस्यों और विदेशी कनेक्शन की गहराई से जांच कर रही है। इस कार्रवाई को देश की सुरक्षा के लिहाज से बड़ी सफलता माना जा रहा है।
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