कर्नाटक स्कूल परीक्षा एवं मूल्यांकन बोर्ड (KSEAB) ने 10 अप्रैल को पीयूसी (PUC) द्वितीय वर्ष यानी 12वीं का रिजल्ट घोषित किया। कर्नाटक में 11वीं और 12वीं को प्री-यूनिवर्सिटी कोर्स (PUC) कहा जाता है, जहां 11वीं को PUC प्रथम और 12वीं को PUC द्वितीय वर्ष के रूप में जाना जाता है। इस साल के नतीजों में मूडबिद्री स्थित अल्वा कॉलेज की छात्रा दिशा(Karnataka Topper) ने 100 प्रतिशत अंक हासिल कर पूरे राज्य में पहला स्थान प्राप्त किया।
उनकी इस उपलब्धि से जहां स्कूल और परिवार में खुशी का माहौल है, वहीं उनकी सफलता के पीछे एक बेहद भावुक और संघर्ष भरी कहानी छिपी है। दरअसल, परीक्षा के दौरान दिशा के जीवन में एक बड़ा हादसा हुआ। जिस समय वह अपनी पढ़ाई में जुटी थीं, उसी दौरान उनकी मां एक दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गईं। शुरुआत में चोट मामूली लगी, लेकिन अगले ही दिन उनकी हालत बिगड़ गई और वे बेहोश हो गईं। इसके बाद परिवार उन्हें मंगलूर के वेनलॉक जिला अस्पताल लेकर पहुंचा।
उस दिन अर्थशास्त्र की थी परीक्षा
बाद में उन्हें मूडबिद्री के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने स्थिति गंभीर बताते हुए उम्मीद कम जताई। इसी बीच दिशा की अर्थशास्त्र की परीक्षा थी। उन्होंने हिम्मत जुटाकर परीक्षा दी और उसके बाद अस्पताल जाकर मां से मिलीं, लेकिन उसी रात उनकी मां का निधन हो गया।
मां को खोने का गहरा दुख दिशा और उनके परिवार पर टूट पड़ा। ऐसे कठिन समय में जहां एक ओर बाकी परीक्षाएं बची थीं, वहीं दूसरी ओर व्यक्तिगत शोक भी था। बावजूद इसके दिशा ने खुद को संभाला और शेष परीक्षाएं देने का निर्णय लिया।
मां ने दिया था हौसला
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दिशा बताती हैं कि जब वह परीक्षा को लेकर चिंतित थीं, तब उनकी मां ने उन्हें हौसला दिया था। मां के शब्द “मेहनत का फल जरूर मिलता है, भगवान पर भरोसा रखो”-उन्हें लगातार प्रेरित करते रहे। इन्हीं शब्दों को याद करते हुए दिशा ने अपने सभी पेपर दिए और अंततः राज्य में टॉप कर दिखाया।
अपनी इस सफलता को दिशा ने अपनी मां को समर्पित करते हुए कहा कि यह उपलब्धि उनके लिए सिर्फ एक रिजल्ट नहीं, बल्कि मां के सपनों को पूरा करने की एक कोशिश है।