कानपुर(Kanpur) के कल्याणपुर इलाके में सेक्स रैकेट के खुलासे के बाद पुलिस विभाग में बड़ी कार्रवाई देखने को मिली है। इस मामले में सीसामऊ चौकी इंचार्ज नितिन यादव को निलंबित कर दिया गया है। उन पर आरोप है कि उन्हें पूरे रैकेट की जानकारी थी, लेकिन उन्होंने इस सूचना को उच्च अधिकारियों तक नहीं पहुंचाया और मामले को दबाए रखा। पुलिस आयुक्त के आदेश पर यह कार्रवाई की गई है। वहीं, जांच में अब कई अन्य पुलिसकर्मियों की भूमिका भी संदिग्ध मानी जा रही है।
इस मामले में गिरफ्तार मुख्य आरोपी रोहित वर्मा को पुलिस ने जेल भेज दिया है। रोहित पर आरोप है कि वह खुद को पत्रकार बताकर एक संगठित सेक्स रैकेट चला रहा था। जांच में सामने आया है कि वह पश्चिम बंगाल, बिहार और पूर्वोत्तर राज्यों से युवतियों को लाकर शहर के बड़े होटलों में देह व्यापार करवाता था। उसके मोबाइल फोन से 18 होटलों की एक संदिग्ध सूची भी बरामद हुई है, जिनकी अब गोपनीय तरीके से जांच की जा रही है।
होटल वालों की भूमिका की हो रही जांच
पुलिस के मुताबिक, इन होटलों में काम करने वाले कुछ कर्मचारियों और मैनेजरों के संपर्क नंबर भी मिले हैं, जिनकी भूमिका की भी जांच हो रही है। साथ ही महिलाओं की तस्वीरें और चैट रिकॉर्ड भी जांच एजेंसियों के हाथ लगे हैं, जिससे पूरे नेटवर्क की परतें खुलने लगी हैं।
इस बीच कल्याणपुर पुलिस ने रोहित वर्मा को आईआईटी मेट्रो स्टेशन के पास से गिरफ्तार किया था, जिसके बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। एसओजी और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रहे हैं।
रोहित वर्मा का पुराना वीडियो वायरल
वहीं, रोहित वर्मा का एक पुराना वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वह कार चलाते हुए एक अन्य व्यक्ति के साथ दिखाई दे रहा है। वीडियो में गाड़ी के अंदर पुलिस की कैप और वर्दी टंगी होने को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यह वीडियो करीब छह साल पुराना है और इसका मौजूदा मामले से कोई सीधा संबंध नहीं है। बताया गया है कि वह गाड़ी उस समय किराए पर ली गई थी और वीडियो केवल उसी दौरान बनाया गया था।