Jaundice Cases in Himachal: हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के गोहर उपमंडल में पीलिया का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। इस बीमारी से अब तक तीन लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 210 से अधिक लोग इसकी चपेट में आ चुके हैं। ताजा मामले में नेहरा पंचायत के रौडी गांव की नवविवाहिता शानिया की पीजीआई चंडीगढ़ में देर रात इलाज के दौरान मौत हो गई।
इलाज के बावजूद नहीं बच सकी जान
जानकारी के मुताबिक, शानिया बासा महाविद्यालय में सेकंड ईयर की छात्रा थी। करीब एक सप्ताह पहले उनमें पीलिया के लक्षण दिखाई दिए थे, जिसके बाद परिजनों ने उन्हें सिविल अस्पताल गोहर में भर्ती कराया। हालत में सुधार न होने पर डॉक्टरों ने उन्हें मेडिकल कॉलेज नेरचौक रेफर कर दिया, लेकिन वहां भी बीमारी पर नियंत्रण नहीं पाया जा सका। स्थिति बिगड़ने पर उन्हें गंभीर अवस्था में पीजीआई चंडीगढ़ भेजा गया, जहां इलाज के बावजूद उसकी जान नहीं बच सकी।
घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल
इस घटना के बाद पूरे गोहर क्षेत्र में दहशत का माहौल है। लगातार बढ़ते मरीजों की संख्या और मौतों ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग समय रहते प्रभावी कदम उठाने में विफल रहे हैं, जिसके चलते हालात नियंत्रण से बाहर होते जा रहे हैं।
ग्रामीणों की चिंता बढ़ी
ग्रामीणों का कहना है कि बीमारी के फैलाव को रोकने के लिए अब तक जमीनी स्तर पर ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही स्थिति को संभालने के लिए ठोस उपाय नहीं किए गए, तो यह संकट और गंभीर रूप ले सकता है।
स्वास्थ्य विभाग पर दबाव बढ़ा
फिलहाल क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की टीमों पर दबाव बढ़ गया है और लोगों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर इस जानलेवा बीमारी पर काबू पाने की मांग की है।
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