मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई जारी है। इसी दौरान इजरायल की एयरफोर्स ने दावा किया है कि अब तक ईरान के विभिन्न ठिकानों पर 5,000 से ज्यादा बम और अन्य हथियारों का इस्तेमाल किया जा चुका है। इजरायली वायुसेना के मुताबिक इन हमलों का मुख्य निशाना ईरान की राजधानी तेहरान और उसके आसपास के इलाके रहे हैं। रिपोर्ट्स में कहा गया है कि इन सैन्य अभियानों का उद्देश्य ईरान के सैन्य ढांचे, हथियार भंडार और रणनीतिक ठिकानों को कमजोर करना है।
इजरायली एयरफोर्स ने सोशल मीडिया पर एक अपडेट जारी करते हुए बताया कि संघर्ष शुरू होने के बाद से लगातार हवाई अभियान चलाए जा रहे हैं। सेना के अनुसार इन ऑपरेशनों में बड़ी मात्रा में हथियारों का इस्तेमाल किया गया और कई अहम टारगेट्स को निशाना बनाया गया है।
IDF ने दी जानकारी
इजरायली डिफेंस फोर्स (IDF) के अनुसार, हाल ही में ईरान की ओर से इजरायल की दिशा में मिसाइलें दागी गई थीं। इसके जवाब में इजरायल के एयर डिफेंस सिस्टम तुरंत सक्रिय हो गए और मिसाइलों को रोकने की कोशिश की गई। सुरक्षा के मद्देनज़र नागरिकों को कुछ समय के लिए शेल्टर में रहने की सलाह दी गई थी, हालांकि बाद में स्थिति सामान्य होने पर चेतावनी वापस ले ली गई।
ईरान की जवाबी कार्रवाई से बढ़ा तनाव
पूरे मिडिल ईस्ट में इस समय हालात काफी तनावपूर्ण बने हुए हैं। अमेरिका और इजरायल की संयुक्त कार्रवाई के बाद ईरान की ओर से भी कई स्थानों पर जवाबी हमले किए जाने की खबरें सामने आई हैं। इससे क्षेत्र में संघर्ष और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक सैन्य अभियान के दौरान सैकड़ों संभावित लक्ष्यों को निशाना बनाया गया है और ईरान के कई सैन्य ठिकानों को नुकसान पहुंचाने का दावा किया गया है।
हमलों में भारी नुकसान की रिपोर्ट
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, बीते शनिवार (28 फरवरी) से शुरू हुए अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हमलों के बाद ईरान में कम से कम 1045 लोगों की मौत होने की जानकारी सामने आई है।
वहीं ईरान रेड क्रेसेंट के मुताबिक इन हमलों से 130 से अधिक शहर और रिहायशी इलाके प्रभावित हुए हैं। कुछ रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि स्कूल, अस्पताल और सरकारी इमारतें भी हमलों की चपेट में आई हैं, हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी पूरी तरह नहीं हो पाई है।