Iran-US Tensions: पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच ईरान ने अमेरिका के युद्धविराम प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। इसके बजाय ईरान ने संघर्ष समाप्त करने के लिए 10 सूत्रीय योजना पेश की है। IRNA के मुताबिक, यह प्रस्ताव स्थायी शांति पर केंद्रित है, न कि अस्थायी सीजफायर पर।
10 बिंदुओं में स्थायी समाधान की मांग
ईरान की योजना में क्षेत्रीय संघर्ष को पूरी तरह समाप्त करने, अस्थायी युद्धविराम की बजाय स्थायी समाधान, और होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने जैसे अहम बिंदु शामिल हैं। इसके साथ ही, ईरान ने परमाणु अप्रसार संधि के तहत यूरेनियम संवर्धन के अधिकार की मान्यता और अमेरिका सहित अन्य देशों द्वारा लगाए गए प्रतिबंध हटाने की मांग की है। योजना में लेबनान में हिज़्बुल्लाह पर हो रहे हमलों को रोकने की बात भी कही गई है।
होर्मुज पर टैक्स और नाकेबंदी हटाने का प्रस्ताव
ईरान ने संकेत दिया है कि यदि उसकी शर्तें मानी जाती हैं तो वह होर्मुज जलडमरूमध्य पर लगी नाकेबंदी हटा सकता है। हालांकि इसके बदले हर जहाज से करीब 20 लाख डॉलर का ट्रांजिट शुल्क लेने का प्रस्ताव रखा गया है। The New York Times के अनुसार, इस राशि को ओमान के साथ साझा किया जा सकता है और इसका उपयोग युद्ध में क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण में किया जाएगा।
अमेरिकी प्रस्ताव को बताया अव्यावहारिक
ईरान ने अमेरिका के 15 सूत्रीय प्रस्ताव को ‘जमीनी हकीकत से दूर’ बताते हुए खारिज कर दिया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह प्रस्ताव पाकिस्तान के जरिए भेजा गया था, लेकिन ईरान ने इसे स्वीकार नहीं किया और अपनी शर्तों के साथ नया रोडमैप पेश किया।
शांति के लिए रखीं कड़ी शर्तें
ईरान ने स्पष्ट किया है कि शांति के लिए अमेरिका और इजरायल को हमले रोकने होंगे, भविष्य में हमले रोकने की गारंटी देनी होगी और युद्ध से हुए नुकसान की भरपाई करनी होगी। इसके अलावा, होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान की संप्रभुता को मान्यता देने की मांग भी शामिल है।
ट्रंप का सख्त रुख
इस बीच डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगर समझौता नहीं हुआ तो अमेरिका ईरान के पावर प्लांट और पुलों को निशाना बना सकता है। ट्रंप ने यहां तक कहा कि ईरान को ‘एक ही रात में खत्म’ किया जा सकता है।
बदलते हालात के बीच बढ़ा तनाव
IRNA के अनुसार, यह प्रस्ताव ऐसे समय में आया है जब ईरान के कुछ इलाकों में हालात बदल रहे हैं और अमेरिका का एक सैन्य ऑपरेशन भी सफल नहीं रहा। इसके साथ ही ट्रंप ने पहले तय समयसीमा को आगे बढ़ाकर अपने रुख में कुछ नरमी के संकेत दिए हैं।
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