अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ईरान से विफल वार्ता के बाद अमेरिका लौट गए हैं और उन्होंने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को पूरी रिपोर्ट सौंप दी। ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर लिखा कि बातचीत औसत दर्जे की रही, लेकिन ईरान ने अपने वादों को पूरा नहीं किया। उन्होंने कहा कि ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने का वादा किया था, लेकिन जानबूझकर ऐसा नहीं किया, जिससे दुनिया भर में चिंता और अव्यवस्था फैली।
ईरान ने पानी में बारूदी सुरंगें बिछाई
ट्रंप ने कहा कि ईरान ने पानी में बारूदी सुरंगें बिछाई हैं, जबकि उनकी नौसेना और अधिकांश बारूदी उपकरण पहले ही नष्ट हो चुके हैं। उन्होंने चेताया कि ईरान और उनके बचे-खुचे नेता अपनी प्रतिष्ठा को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं। ट्रंप ने ईरान से जलमार्ग को तुरंत खोलने की अपील की और कहा कि वे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन कर रहे हैं।
पाकिस्तान में हुई महत्वपूर्ण बैठक
ट्रंप ने बताया कि उन्हें उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर से पाकिस्तान में फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के नेतृत्व में बैठक की पूरी जानकारी मिली। उन्होंने इन अधिकारियों की प्रशंसा की और कहा कि उनके प्रयासों से संभावित युद्ध में 30-50 मिलियन लोगों की जान बच सकती है।
परमाणु मुद्दे पर सहमति नहीं
ईरान के प्रतिनिधियों मोहम्मद-बघेर ग़ालिबफ़, अब्बास अरघची और अली बघेरी के साथ लगभग 20 घंटे चली बैठक के बाद भी परमाणु मुद्दे पर कोई सहमति नहीं बन पाई। ट्रंप ने कहा कि ईरान अपनी परमाणु महत्वाकांक्षाओं को छोड़ने को तैयार नहीं है, और इस मुद्दे पर अमेरिका सख्त रुख अपनाएगा।
अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में नाकाबंदी का आदेश
ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी नौसेना स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में प्रवेश या बाहर जाने वाले सभी जहाजों की नाकाबंदी शुरू करेगी। अवैध टोल चुकाने वाले या किसी भी जहाज पर गोलीबारी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने चेताया कि अन्य देश भी इस नाकाबंदी में शामिल होंगे और ईरान को अपनी अवैध मांगों से लाभ नहीं उठाने दिया जाएगा।
अमेरिका पूरी तरह तैयार
ट्रंप ने जोर देकर कहा कि अमेरिका पूरी तरह तैयार है और बचे-खुचे ईरानी हिस्से को भी निशाना बनाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि परमाणु हथियारों को अस्थिर और अप्रत्याशित लोगों के हाथों में जाने नहीं दिया जाएगा।
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