होली(Holi) का त्योहार आने में अब कुछ ही दिन बाकि हैं। घरों में साफ-सफाई और पकवानों की तैयारी शुरू हो चुकी है, और बाजार रंग-बिरंगे गुलाल से सज गए हैं। हर कोई चाहता है कि इस बार की होली खुशियों और यादों से भरी हो। लेकिन अक्सर लोग सस्ते और चमकदार रंगों के आकर्षण में ऐसे गुलाल खरीद लेते हैं, जिनमें खतरनाक रसायन मिले होते हैं। यही लापरवाही त्योहार की खुशी को परेशानी में बदल सकती है।
दरअसल, मिलावटी रंग त्वचा, आंखों और सांस से जुड़ी गंभीर समस्याएं पैदा कर सकते हैं। खुजली, जलन, एलर्जी, आंखों में इरिटेशन और यहां तक कि सांस लेने में तकलीफ भी हो सकती है। होली खेलने से पहले यह जानना बेहद जरूरी है कि जो गुलाल आप खरीद रहे हैं, वह सुरक्षित है या नहीं।
कैसे चैक करें गुलाल की क्वालिटी ?
कुछ आसान तरीकों से आप असली और नकली गुलाल की पहचान कर सकते हैं।
गुलाल को सूंघकर देखें
सबसे पहले गुलाल को सूंघकर देखें। अगर उसमें बहुत तेज, चुभने वाली या केमिकल जैसी गंध आए तो उसे न खरीदें। हर्बल या प्राकृतिक गुलाल की खुशबू हल्की और सौम्य होती है। दूसरा आसान तरीका है पानी में घोलकर देखना। एक गिलास पानी में थोड़ा सा गुलाल डालें। यदि रंग आसानी से घुल जाए और कोई भारी कण नीचे न जमें, तो यह बेहतर संकेत है। लेकिन अगर रंग ऊपर तैरता रहे या नीचे कचरे जैसा पदार्थ जमा हो जाए, तो समझ लें कि उसमें मिलावट हो सकती है।
हाथ पर रगड़कर देखना
एक और तरीका है हाथ पर रगड़कर देखना। थोड़ा सा गुलाल हथेली पर लेकर मलें। अगर वह मुलायम और स्मूद महसूस हो, तो ठीक है। लेकिन अगर उसमें दरदरे या चमकदार कण महसूस हों, तो सावधान हो जाएं। कई बार रंग को चमकीला बनाने के लिए उसमें बारीक कांच या हानिकारक पदार्थ मिला दिए जाते हैं, जो त्वचा को नुकसान पहुंचा सकते हैं। पैकेट पर लिखी सामग्री भी ध्यान से पढ़ें। सिर्फ “हर्बल” लिखा होना काफी नहीं है, उसमें हल्दी, चंदन, फूलों का पाउडर या अन्य प्राकृतिक तत्वों का उल्लेख होना चाहिए।
रंग की चमक या कीमत देखकर फैसला न करें
नकली या मिलावटी गुलाल में लेड, मरकरी और क्रोमियम जैसे हानिकारक तत्व पाए जा सकते हैं। ये त्वचा पर लाल चकत्ते, जलन और एलर्जी का कारण बनते हैं। आंखों में चले जाने पर गंभीर समस्या हो सकती है। जिन लोगों को पहले से एलर्जी या अस्थमा है, उनके लिए ऐसे रंग और भी खतरनाक साबित हो सकते हैं।
इसलिए होली की खरीदारी करते समय सिर्फ रंग की चमक या कीमत देखकर फैसला न करें। समझदारी से चुना गया सुरक्षित गुलाल ही आपकी होली को सच में खुशहाल और यादगार बनाएगा।